माफिय़ाओं का सफाया हो चुका
लखनऊ । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत के स्वतंत्रता आंदोलन का श्रेय कोई एक व्यक्ति, पार्टी या क्षेत्र नहीं ले सकता। उन्होंने कहा कि देश की आजादी के लिए पूरे भारत ने एक स्वर और एक दिशा में संघर्ष किया, जिसके सामने ब्रिटिश सत्ता का सिंहासन भी डोल उठा था।
आदित्यनाथ ने कहा कि यदि महिलाओं को अवसर मिले तो वे जीवन के हर क्षेत्र में नेतृत्व कर सकती हैं और नए कीर्तिमान स्थापित कर सकती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने यह भी तय किया है कि पीएसी में बेटियां भी नेतृत्व करेंगी। इसके तहत तीन महिला पीएसी बटालियन का गठन किया गया है। आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश सरकार अपराध व अपराधियों के साथ-साथ बेईमानी और भ्रष्टाचार के खिलाफ भी कतई न बर्दाश्त करने की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश अब अपनी पुरानी बीमारू छवि को त्याग कर सुशासन के नए मानक स्थापित कर रहा है। समाजवादी पार्टी और उसके अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला करते हुए कहा कि जब उनकी पार्टी सत्ता में थी, तब राज्य के खजाने की कथित लूट के लिए उन्हें जनता से माफ़ी मांगनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य अब खराब शासन और असुरक्षा वाली अपनी पुरानी छवि से बाहर निकल चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले राज्य में माफिय़ाओं की समानांतर सरकार चलती थी, लेकिन अब उत्तर प्रदेश वैसा ही बन गया है जैसा इसके नाम से पता चलता है और अब कोई इसे ‘बीमारू’ राज्य नहीं कहता। आदित्यनाथ ने कहा कि अब यूपी की छवि अच्छी है। माफिय़ाओं का सफाया हो चुका है। जो लोग बेटियों और व्यापारियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करते हैं, उनके लिए सिफऱ् दो ही जगहें हैं या तो वे जेल में होंगे या फिर नर्क में। उन्होंने कहा कि जब अच्छे जन-प्रतिनिधि चुने जाते हैं, तो अच्छी सरकारें बनती हैं और नतीजे भी अच्छे होते हैं। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में न तो विकास था, न सुरक्षा और न ही सम्मान।
