प्रधानमंत्री के मन की बात के 137वें संस्करण का प्रसारण, नशे की लत पूरे परिवार और समाज को झेलने पड़ते हैं: मोदी


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 137वें संस्करण में नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत अभियान का जिक्र किया। उन्होंने देश के सभी युवाओं से इस अभियान में सक्रिय सहभागिता करने की अपील की। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे युवा साथी वर्तमान जनरेशन की अभिरूचि के अनुसार रोचक कैम्पेन कंटेंट, प्ले, स्लोगन्स, जिंगल्स, सांग्स, क्रियेटिव्स, ग्राफ्रिक्स आदि बनाकर इस अभियान को और भी गति दे सकते हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत अभियान इस समय पूरे देश में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसका लक्ष्य बिल्कुल साफ है नशा मुक्त युवा, ड्रग फ्री इंडिया। बहुत सारे लोग, विशेषकर हमारे युवा बहुत बड़ी संख्या में इसका हिस्सा बन रहे हैं। आखिर यह भारत के युवाओं की हेल्थ, उनकी हैप्पीनेस और उज्ज्वल भविष्य के लिए ही हमारा सामूहिक संकल्प है। उन्होंने कहा कि नशे की लत सिर्फ एक व्यक्ति को प्रभावित नहीं करती , इसके दुष्परिणाम पूरे परिवार और समाज को भी झेलने पड़ते हैं। मैं उन लोगों की सराहना करूंगा जो ड्रग्स के खिलाफ दूसरों को जागरूक करते हैं और नशे की लत से जूझ रहे लोगों की मदद में आगे आते हैं। नशा मुक्त भारत के लिए क्या आप कोई पॉवरफुल स्लोगन बना सकते हैं ? क्या हमारे यंग म्युजिशियन्स ऐसे सांग्स बना सकते हैं, जिनमें ड्रग फ्री लाइफ का मैसेज हो ? क्या स्टूडेंट्स और थियेटर ग्रुप्स दिल को छू लेने वाले शॉर्ट प्लेज़ लिख सकते हैं, जिनमें ड्रग्स के खतरों के साथ-साथ उनसे बाहर निकलने का रास्तों का जिक्र भी हो। हमारे देश में बेहतरीन कंटेंट क्रियेटर्स की कमी नहीं हैं। श्री मोदी ने युवाओं से आग्रह करते हुए कहा कि वे अलग-अलग भाषाओं में ऐसा कंटेंट बनाएं, जिससे इस दिशा में समाज को मदद मिले। आप अपने प्रयासों को हैशटैग के साथ सोशल मीडिया पर भी जरूर शेयर करें। कई बार क्रियेटिव एफर्ट फॉरमल कैम्पेन से भी ज्यादा असरदार होते हैं।
मोदी को मिला उज्बेकिस्तान का सबसे बड़ा सम्मान
प्रधानमंत्री को ताशकंद में उज्बेकिस्तान के सर्वोच्च राजकीय सम्मान ओलिय दराजाली दोस्तलिक से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति शवकत मिर्जियोयेव द्वारा दिए गए इस सम्मान को पीएम मोदी ने 140 करोड़ भारतीयों और दोनों देशों की पुरानी दोस्ती को समर्पित किया। सम्मान मिलने के बाद मोदी ने कहा कि उज्बेकिस्तान का सर्वोच्च सम्मान मिलना उनके लिए गर्व की बात है। मोदी ने कहा कि भारत में शायद ही कोई ऐसा परिवार होगा, जहां दिन में कई बार ‘दोस्त’ शब्द का इस्तेमाल न होता हो। उन्होंने कहा कि आज उज्बेकिस्तान ने ‘दोस्तलिक’ यानी दोस्ती की भावना को सही मायने में सामने रखा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह सम्मान सिर्फ किसी एक व्यक्ति का सम्मान नहीं है, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का सम्मान है। मोदी ने कहा कि पुरस्कार मिलने से गर्व और सम्मान का एहसास होता है, लेकिन इसके साथ एक बड़ी जिम्मेदारी भी आती है। उन्होंने कहा कि वह इस जिम्मेदारी को गहराई से महसूस करते हैं। मोदी ने कहा कि भारत अपनी जिम्मेदारियों से कभी पीछे नहीं हटेगा और दोनों देशों की दोस्ती को मजबूत बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध रहेगा।

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