नई दिल्ली: चीन अधिकृत तिब्बत से आई बाढ़ ने नेपाल में भारी तबाही मचाई है। नेपाल के डिजास्टर मैनेजमेंट डिपार्टमेंट की ओर से जारी किए गए एक बयान में बताया गया है कि नेपाल में गंडक नदी के ऊपरी कैचमेंट एरिया में अचानक बाढ़ की स्थिति पैदा होने से हालात काफी खराब हो गए हैं। चीन-नेपाल बॉर्डर पर भी भारी नुकसान की आशंका है। नेपाल में आई भीषण बाढ़ की वजह से मरने वाले लोगों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। मृतकों की संख्या 95 पहुंच गई है।
चीन से नेपाल में दाखिल हुए सैलाब को देखते हुए यूपी और बिहार के कई जिलों में अलर्ट जारी किया गया है। पानी के बहाव में अचानक बढ़ोतरी की संभावना के कारण बिहार में खास सतर्कता बरती जा रही है। बाढ़ की लहरें 5 मंजिला इमारत जितनी ऊंची दिखाई दे रही हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है यह जल प्रलय कितनी खतरनाक साबित हो सकती है। नेपाल टूरिज्म बोर्ड की तरफ से जारी शुरुआती सिचुएशन अपडेट के मुताबिक, नेपाल के रसुवा जिले में भोटे कोशी नदी में अचानक आई बाढ़ के बाद 384 टूरिस्ट और यात्री लापता हैं। इनमें 100 से अधिक भारतीय भी शामिल हैं। इस लिस्ट में 291 विदेशी नागरिक और 93 नेपाली नागरिक शामिल हैं, जिसमें विदेशी नागरिकों का सबसे बड़ा ग्रुप भारतीयों का है। नेपाल दूतावास ने बताया कि बाढ़ से घरों, सडक़ों, पुलों, जलविद्युत परियोजनाओं और अन्य बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है। नेपाल की सुरक्षा एजेंसियां, आपदा प्रबंधन विभाग स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य सेवाओं को राहत और बचाव कार्य में लगाया गया है। प्रभावित इलाकों में तलाशी और बचाव अभियान, लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने तथा आपात चिकित्सा सहायता देने का काम जारी है।
मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री से बात की
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह से फोन पर बात की। प्रधानमंत्री मोदी ने नेपाल को हर संभव मानवीय और राहत सहायता देने का भरोसा दिया। नेपाल में बाढ़ के कारण कई इलाकों में हालात गंभीर बने हुए हैं। भारत ने संकट की इस घड़ी में नेपाल के साथ खड़े रहने और जरूरत के मुताबिक राहत एवं मानवीय सहायता उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता जताई है।
