
वर्ष 1993 में आयी फ़िल्म खलनायक के गीत ‘चोली के पीछे क्या है’ गीत की सफलता के बाद हिंदी फ़िल्मों में ऐसे गीतों की डिमांड बढ़ने लगी थी। ऐसे गीत जिनमें लोक संगीत का भी टच हो और भरपूर मसाला भी हो। हालांकि इस गीत से पहले भी वर्ष 1991 में ‘मोरनी बागां में’ जैसे गीत के ज़रिये ऐसा म्यूजिक स्टाइल सुनने को मिल चुका था हालांकि इसे मसालेदार गीत नहीं कहा जा सकता क्योंकि इसे पूरी तरह से एक लोक गीत के जैसा ही बनाया गया था। ऐसे गीतों के एक हिस्से में तो फोक सिंगर की आवाज़ होती है और दूसरे हिस्से में किसी ऐसी सिंगर की आवाज़ होती है जो उस फ़िल्म की हीरोइन की आवाज़ हो। कभी इन गीतों के लिये फिट सिंगर इला अरुण ने जब चोली के पीछे गीत के विवाद के बाद ऐसे गीतों का गाना छोड़ दिया ऐसे में एक नई आवाज़ उभरी जो रातों रात सबकी पसंदीदा आवाज़ बन गयी और वह आवाज़ थी मशहूर सिंगर सपना अवस्थी जी की। 90 के दशक में सपना अवस्थी की आवाज़ लगभग हर बड़ी छोटी फ़िल्म का हिस्सा होती थी। कहानी कैसी भी हो हर निर्माता सपना अवस्थी की आवाज़ को अपनी फ़िल्म के एक गाने में ज़रूर डालना चाहता था।
बन्नो तेरी अँखियाँ’ जैसे गीतों से घर घर में मशहूर हुई सपना अवस्थी का ताल्लुक तो कुमाऊं से है लेकिन उनकी पढ़ाई लिखाई और संगीत शिक्षा उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हुई है। दरअसल सपना अवस्थी के पिता लखनऊ यूनिवर्सिटी में बतौर संस्कृत लेक्चरर कार्यरत थे। सपना की रुचि शुरुआत से ही संगीत में थी और उन्होंने बचपन से ही शास्त्रीय संगीत में प्रशिक्षण लेना शुरू कर दिया और आगे चलकर लखनऊ के भातखंडे संगीत संस्थान से उन्होंने संगीत विशारद हुईं। दोस्तों आपको ताज़्ज़ुब होगा कि सपना जी ने बॉलीवुड में अपना करियर शादी के बाद शुरू किया था। हालांकि वे स्टेज पर गाने के साथ साथ लखनऊ और दिल्ली रेडियो के लिए लगातार गाने गातो रहतीं थीं। कम लोगा को ही पता होगा कि सपना जी ने अपनी पहली रिकॉर्डिंग धारावाहिक मिर्ज़ा ग़ालिब के लिये की थी और गुलज़ार जी द्वारा बनाये दूरदर्शन पर प्रसारित इस धारावाहिक में उन्होंने ऐक्टिंग भी की थी। हालांकि इसके बाद सपना रेडियो से ही जुड़ी रहीं और बॉलीवुड में गाने के लिये उन्होंने कोई भी प्रयास नहीं किया। इसी दौरान एक स्टेज प्रोग्राम में उनकी मुलाक़ात संगीतकार राज शर्मा जी से हुई जिनसे उनकी अच्छी जान पहचान हो गयी, उन्होंने एक दिन सपना को फोन किया और आनंद मिलिंद के घर हुए एक सगाई के फंक्शन में गाने के लिये आमंत्रित किया। उस प्रोग्राम में सपना की मुलाक़ात संगीतकार समीर सेन से हुई और उन्हें सपना की आवाज़ बहुत पसंद आयी उन्होंने सपना को फ़िल्मों में पहला ब्रेक दिया, हालांकि वह गाना रिलीज़ होने में देर हुआ तब तक सपना के दूसरे गीत मार्केट में आ चुके थे। सपना का पहला गीत फिल्म इक्का राजा रानी का ‘मेरे साँवरिया’ रिलीज़ हुआ जो उस वक़्त बहुत चर्चित हुआ। शुरुआत में सपना की आवाज़ की तुलना ईला अरुण की आवाज़ से की गयी लेकिन धीरे-धीरे सपना की आवाज़ की एक अलग पहचान बन गयी और सपना को लगातार गाने मिलने लगे। क्लासिकल बेस्ड सपना की गायन शैली और दमदार आवाज़ से प्रभावित होकर शेखर कपूर ने भी उन्हें अपनी फ़िल्म दुश्मनी में “बनो तेरी अंखिया” गाने का ऑफर दिया जो गीत सपना की एक पहचान ही बन गया। उसके बाद आमिर खान-करिश्मा कपूर की ब्लॉकबस्टर हिट राजा हिंदुस्तानी के गीत “परदेसी परदेसी” ने तो पूरे भारत में तहलका ही मचा दिया। हालांकि इस गीत से पहले सपना को फ़िल्म क्रांतिवीर में भी कई गानों के ऑफर मिल चुके थे जिसके लिये सपना ने मुंबई में ही बसने का फैसला कर लिया। वो दौर म्यूजिक एलबम्स का भी था और फिल्मों में गाने के साथ-साथ सपना लगातार एलबम्स में भी गा रहीं थीं। दोस्तों इन गीतों की सफलता के बाद भी अभी सपना अवस्थी की लाइफ का सबसे बड़ा हिट आने बाक़ी था और वो मौक़ा मिला उन्हें वर्ष 1998 में आये गीत “छैया छैया” से। दोस्तों इस गीत के लिये जब सपना जी को बुलाया गया तब उन्हें लगा कि शायद कोई उनसे मज़ाक कर रहा है। ऐसे में उनके पति ने कहा कि कोई बात नहीं एक चांस ले लो मद्रास आने जाने का खर्च ही तो जायेगा। काम नहीं हुआ तो वापस आ जाना। ख़ैर सपना मद्रास यानि चेन्नई पहुँच गयीं जहाँ उनको लेने संगीतकार ए आर रहमान के मैनेजर आये। हालांकि अभी सपना को दूसरा सरप्राइज़ मिलना बाक़ी था। दोस्तों जैसे ही सपना रहमान के स्टूडियो में पहुँची उन्होंने देखा वहाँ पहले से गुलज़ार साहब और मणि रत्नम जैसे दिग्गज़ भी बैठे हुए थे। सपना चूँकि अपनी पहली ही रिकॉर्डिंग गुलज़ार साहब के साथ कर चुकी थीं तो उन्हें किसी तरह की कोई नर्वसनेस भी नहीं हुई। उन्होंने दिल खोलकर उस गीत को गाया जो न सिर्फ़ सपना के सिंगिंग करियर में बल्कि रहमान के म्यूज़िक करियर में एक मील का पत्थर बन गया। इस गीत के बाद तो लगातार अगले दशक में भी सपना के गीत छाये ही रहे।”मैं आयी हूँ यूपी बिहार लूटने”, “बच्च के तू रहना रे”, “सब कुछ भुला दिया” जैसे दर्जनों सुपरहिट हिट गाने सपना ने गाये।नदीम श्रवण के साथ सपना की जोड़ी बहुत कमाल होती थी सपना बताती हैं नदीम श्रवण का काम बंद होने से उन्होंने भी बॉलीवुड में गाने में इंट्रेस्ट लेना लगभग छोड़ ही दिया हालांकि बीच बीच में उनके गीत आते रहे जो आज भी बदस्तूर ज़ारी हैं, जिसका उदाहरण हैं शाहरुख़ ख़ान की फ़िल्म रॉवन और रणबीर कपूर की फ़िल्म रॉकस्टार। फ़िल्म रॉकस्टार का गीत “कतिया करू” तो नौजवानों और बच्चों का आज भी पसंदीदा गीत है।
दोस्तों सपना अवस्थी जी ने ढेरों एलबम्स के लिये भी गीत गाये हैं। कविता कृष्णमूर्ति और विनोद राठौड़ के साथ उनका एक एल्बम “चुनरिया” अपने समय में बहुत मशहूर हुआ था। फिलहाल सपना अपने चैनल पर भी तरह तरह के गीत गा रही हैं।
बात करें सपना अवस्थी जी के निजी जीवन की तो उनकी शादी कार्तिक अवस्थी से हुई है जो कि एक गीतकार हैं, जिनसे सपना ने प्रेम विवाह किया है। कम लोगों को ही पता होगा कि कार्तिक जी ने ही हम तुम्हारे हैं सनम के गीत ‘सब कुछ भुला दिया’ को लिखा है। उनकी बेटी है पंखुड़ी अवस्थी जो फिलहाल केनिशा अवस्थी के नाम से बतौर मॉडल और अभिनेत्री काम कर रही हैं इसके अलावा केनिशा एक वीडियो जॉकी भी हैं।