एमपी में मानसून की दस्तक 20-22 जून तक होगी
नई दिल्ली: मौसम विज्ञान विभाग ने कहा है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून अगले 2 से 3 दिनों के भीतर केरल में दस्तक दे सकता है। आमतौर पर मानसून 1 जून के आसपास केरल पहुंच जाता है, लेकिन इस बार ये लेट है। ताजा अपडेट के मुताबिक मौसम की परिस्थितियां दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढऩे के लिए अनुकूल बनी हुई हैं। अगले कुछ दिनों में मानसून अरब सागर के दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्वी हिस्सों, लक्षद्वीप, केरल और तमिलनाडु के कुछ क्षेत्रों में आगे बढ़ सकता है। ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, अगले 2 से 3 दिनों में केरल में मानसून का आगमन हो सकता है, जिससे देश के अन्य हिस्सों में भी बारिश की गतिविधियां धीरे-धीरे बढऩे लगेंगी। अब कहा जा रहा है कि एमपी में भी मानसून की दस्तक पूर्वअनुमानित समय 15 जून से पांच-सात दिन बाद यानी 20-22 जून तक ही हो पाएगी।
मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि इस बार मॉनसून में सामान्य से कम बारिश, बहुत ज्यादा गर्मी, ज्यादा नमी, तेज आंधी और मॉनसून के आगे बढऩे में देरी हो सकती है. मौसम एक्सपर्ट्स का कहना है कि मॉनसून के मौसम में बदलाव के दौरान देश के कुछ हिस्सों में खतरनाक नमी का स्तर, धूल भरी आंधी, बिजली और तेज आंधी आ सकती है.आईएडी के नए लॉन्ग-रेंज अनुमान के मुताबिक, जून में बारिश सामान्य से कम रहने की उम्मीद है, जो महीने के औसत का 92 फीसदी से भी कम है. जून से सितंबर तक का मॉनसून सीजन भी सामान्य से कमजोर रहने की उम्मीद है, जिसमें पूरे भारत में बारिश लंबी अवधि के औसत का लगभग 90 फीसदी रहने का अनुमान है. इसका मुख्य कारण भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर पर एल नीनो की स्थिति बनने की बढ़ती संभावना है. पहले, एल नीनो की घटनाएं भारतीय मॉनसून सर्कुलेशन को कमजोर करती हैं और अक्सर बारिश की कमी, बुवाई में देरी और गर्मी के बढ़ते तनाव से जुड़ी होती हैं. क्लाइमेट मॉडल बताते हैं कि जून के दौरान कमजोर एल नीनो की स्थिति बन सकती है और जुलाई और अगस्त में धीरे-धीरे मजबूत हो सकती है.
गर्मी और नमी खतरनाक हालात पैदा कर सकती है
हालांकि पूरे उत्तर भारत में तापमान तुरंत रिकॉर्ड तोडऩे वाले स्तर तक नहीं पहुंच सकता है. हालांकि, एक्सपर्ट्स चेतावनी देते हैं कि नमी भी उतनी ही जरूरी वजह बन सकती है. मौसम के हिसाब से, 39 डिग्री सेल्सियस से 41 डिग्री सेल्सियस के आसपास का तापमान और बंगाल की खाड़ी से बढ़ती नमी मिलकर बहुत ज्यादा गर्मी का तनाव पैदा कर सकती है. ऐसे हालात में, महसूस होने वाला तापमान असल हवा के तापमान से काफी ज्यादा हो सकता है.
केरल पहुंचने वाला है मानसून, जून में बारिश सामान्य से कम रहने की उम्मीद