भोपाल :मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में किसानों को पशुपालन के लिए प्रेरित कर विभिन्न योजनाओं के माध्यम से पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा दे रही है। पशुपालन के माध्यम से किसानों की आय बढ़ेगी और वे आत्मनिर्भर होंगे। हमारा संकल्प है कि हम प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को निरंतर बढ़ाएंगे और वर्ष 2028 तक प्रदेश को देश की मिल्क कैपिटल बनाएंगे। गो-संरक्षण और गो-संवर्धन सरकार की प्राथमिकता है और इसके लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। प्रदेश में पशुपालन विभाग को अब गौपालन विभाग का नाम दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में स्वावलंबी गौशालाओं की स्थापना नीति-2025 लागू की गई है। इसके अंतर्गत नगरीय क्षेत्रों में उपलब्ध गोवंश के आश्रय और भरण-पोषण के लिए 5 हजार से अधिक क्षमता वाली वृहद गौशालाएं स्थापित की जा रही हैं। प्रदेश के आगर मालवा, इंदौर, ग्वालियर और उज्जैन जिलों में आदर्श गौशालाएं स्थापित की जा चुकी हैं, जबकि भोपाल, जबलपुर और सागर में इनके निर्माण कार्य प्रगतिरत हैं। ग्वालियर स्थित आदर्श गौशाला में देश का पहला 100 टन क्षमता वाला सीएनजी प्लांट स्थापित किया जा रहा है। डॉ. यादव ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश देश के कुल दुग्ध उत्पादन का लगभग 9 प्रतिशत योगदान देता है, जिसे बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश में सांची ब्रांड को और अधिक लोकप्रिय बनाने के लिए राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के साथ करार किया गया है। गोवंश के संरक्षण और संवर्धन के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। प्रदेश में गौसंवर्धन बोर्ड के माध्यम से गौशालाओं को चारा-भूसा अनुदान के लिए 505 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया गया है। गौशालाओं में गोवंश के बेहतर आहार की व्यवस्था के लिए प्रति गोवंश दी जाने वाली सहायता राशि 20 रुपये प्रतिदिन से बढ़ाकर 40 रुपये प्रतिदिन कर दी गई है। घायल अथवा असहाय गायों के लिए हाइड्रोलिक कैटल लिफ्टिंग वाहनों की व्यवस्था भी की जा रही है। डॉ. यादव ने बताया कि पशुपालन और डेयरी विकास को गति देने के लिए “मुख्यमंत्री पशुपालन विकास योजना” का नाम परिवर्तित कर “डॉ. भीमराव अंबेडकर विकास योजना” किया गया है। इस योजना के अंतर्गत 25 दुधारू पशुओं की डेयरी इकाई स्थापित करने के लिए लगभग 42 लाख रुपये तक ऋण सहायता उपलब्ध कराई जाएगी, जिसमें 25 से 33 प्रतिशत तक सब्सिडी का प्रावधान है।
जिला कलेक्टर्स आंधी, बारिश और ओलावृष्टि से हुए नुकसान का त्वरित कराएं आकलन
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में हुई आंधी, बारिश और ओलावृष्टि के संबंध में कहा है कि किसान भाई चिंता न करें, संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार किसानों के साथ है। डॉ. यादव ने जिला कलेक्टर्स को मौसम के असमय बदलाव से हुए नुकसान का त्वरित आकलन करने के निर्देश दिए हैं। डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के प्रभावित क्षेत्रों में हुई हानि के लिए तत्काल सहायता और राहत उपलब्ध कराई जाएगी।
अनूपपुर हादसे के दिवंगतों के परिजनों को दी जाएगी 9-9 लाख की आर्थिक सहायता
मुख्यमंत्री ने कोतमा, अनूपपुर में हुए दुखद हादसे में काल-कवलित नागरिकों के परिजन को मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से 4-4 लाख, संबल योजना के अंतर्गत 4-4 लाख और रेडक्रॉस से 1-1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। घायलों को मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से 2-2 लाख रुपये और रेडक्रॉस से 50-50 हजार रुपये राशि दी जाएगी। डॉ. यादव ने अनूपपुर जिले के कोतमा क्षेत्र में एक लॉज भवन ध्वस्त होने की दुखद घटना के संबंध में अधिकारियों को निर्देशित किया था कि राहत एवं बचाव कार्यों में कोई कमी न रहे और प्रभावित परिवारों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जाए। उल्लेखनीय है कि इस दुखद घटना में 3 लोगों की मृत्यु हो गई, जबकि 3 अन्य घायल हो गए थे। घायलों में से गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को बेहतर उपचार के लिए शहडोल मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है, जहाँ विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम उनकी निगरानी कर रही है।
प्रदेश में स्वावलंबी गौशालाओं की स्थापना नीति लागू, पशुपालन के माध्यम से किसान होंगे आत्मनिर्भर : डॉ. यादव