विंध्य भारत, रीवा
देश की प्रमुख ट्रेड यूनियनों एवं संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्र ब्यापी हड़ताल के आह्वान पर सीटू, इंटक, बैंक, बीमा एवं संयुक्त किसान मोर्चा के विभिन्न संगठनों द्वारा विवेकानन्द पार्क से रैली निकालकर कमिश्नर कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया एवं राष्ट्रपति के नाम सम्बोधित ज्ञापन सौपा। संगठनों द्वारा सौपे गये संयुक्त ज्ञापन में कहा गया कि मजदूर और किसान लगातार आन्दोलन कर श्रम कानूनो को समाप्त करने के केन्द्र सरकार के निर्णय के खिलाफ व किसानों के फसलों के दाम तय करने के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित करने की मांग को लेकर लगातार आन्दोलित हैं लेकिन पूंजीपतियों के दबाव में सरकार समाज के दो उत्पादक शक्तियों के पक्ष में कोई निर्णय करने को तैयार नहीं है जिससे बड़े पैमाने पर मंहगाई, बेरोजगारी व रोजगार में अस्थिरता पैदा हो रही है। संगठनों ने सरकार से चार श्रम संहिताओं को रद्द करने, ठेकाकरण, आउट सोर्सिंग, फिक्सटर्म एम्पलायमेन्ट पर रोक लगाने, सभी को 26 हजार रुपये न्यूनतम वेतन देने, सभी प्रकार के श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा का लाभ देने, ड्राफ्ट बिजली सुधार विल व वीज विधेयक को वापस लेने, रक्षा, रेल्बे, स्वास्थ्य, शिक्षा, बैंक, बीमा, संचार, कोयला, परिवहन, तेल, भेल, बंदरगाह सहित सभी सार्वजनिक उपक्रमों का निजीकरण रोकने, मनरेगा कानून को फिर से शुरू करने, खाली पदों को भरने, आशा, आंगनवाड़ी, मध्यान्हकर्मी को स्थाई कर्मचारी बनाने तथा सभी को पेंशन दिये जाने आदि मांगों को प्रमुखता से उठाया गया। बड़ी संख्या में श्रमिकों व किसानों की उपस्थिति में हुये इस आंदालन के दौरान सीटू के जिलाध्यक्ष गिरिजेश सिंह सेंगर, महासचिव सौरभ मिश्रा, आंगनवाड़ी यूनियन की राज्य सचिव किशोरी वर्मा, इंटक के जी.पी.त्रिपाठी, बैंक एम्पलाई यूनियन के वृजेश सिंह, ऋतुराज मिश्रा, बीमा यूनियन के रोहित गुप्ता, शिवम भारती, संध्या तिवारी, शुशांत श्रीवास्तव, अमित सोहगौरा, विनयशंकर मुफलिश, संयुक्त किसान मोर्चा के शिव सिंह, लालमणि त्रिपाठी, रामनरेश सिंह, रामानुज तिवारी, सुग्रीव सिंह, तेजभान सिंह, इन्द्रजीत सिंह, निर्मला सिंह, सुनीता मिश्रा, शशिकला पाण्डेय, संजय निगम, सुरेन्द्र पाण्डेय, बसंतलाल सिंह, अजीत सिंह, गौरव रणदेव, अजय तिवारी, अभेहयाद खांन, यू.वी.द्विवेदी, जयप्रकाश द्विवेदी, लालविहारी सिंह, संजय तिवारी, वृजेश प्रताप सिंह, हरीलाल सिंह, अशोक मिश्रा, जयप्रकाश द्विवेदी सहित बड़ी संख्या में किसान मजदूर उपस्थित रहे।