विंध्यभारत, रीवा
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट रीवा के मोहन सभागार में नगर पालिक निगम रीवा की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल, अपर आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग दिव्यांक सिंह, नगर निगम आयुक्त डॉ. सौरभ सोनवणे सहित एमपीयूडीसी निगम की निर्माण, राजस्व, वित्त एवं स्वास्थ्य शाखा के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना 1.0 एवं 2.0 अंतर्गत एएचपी, बीएलसी, एआरएच, आईएसएस एवं इन-सीटू स्लम रिहैबिलिटेशन घटकों की विस्तृत समीक्षा की गई। अपर मुख्य सचिव ने एएचपी पर विशेष ध्यान केंद्रित करने के निर्देश दिए तथा एएचपी मद में व्यय राशि के समायोजन हेतु एलआईजी एवं एमआईजी भवनों से प्राप्त राशि के उपयोग की बात कही।
बीएलसी योजना के अपूर्ण आवासों को शीघ्र पूर्ण कराने तथा आवश्यकतानुसार अंतिम किश्त का भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इन-सीटू स्लम रिहैबिलिटेशन की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने शिवनगर में क्रॉस-कम्पनसेशन आधारित प्रोजेक्ट तथा निराला नगर बस्ती के पुनर्वास कार्य की जानकारी दी। जिस पर एसीएस ने संतोष व्यक्त किया। रीवा में बढ़ते माइग्रेशन को दृष्टिगत रखते हुए एआरएच (अफोर्डेबल रेंटल हाउसिंग) पर विशेष कार्य करते हुए औद्योगिक क्षेत्रों से समन्वय स्थापित कर श्रमिकों एवं कर्मचारियों हेतु सर्वसुविधायुक्त 300 इकाई की आवास परियोजनाएं तैयार करने के निर्देश दिए । आईएसएस योजना में अपेक्षित प्रगति न होने पर शासकीय एवं निजी कर्मचारियों को केंद्र में रखकर इसे प्रभावी रूप से क्रियान्वित करने तथा आवास हेतु प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए।
स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत स्वच्छता व्यवस्था की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि रीवा का स्वच्छता स्तर निरंतर सुधर रहा है और इस वर्ष निकाय को 7 स्टार एवं वॉटर प्लस श्रेणी प्राप्त करने का लक्ष्य रखना चाहिए। नाइट स्वीपिंग एवं मैकेनिकल स्वीपिंग को अनिवार्य रूप से व्यावसायिक क्षेत्रों एवं मुख्य मार्गों पर लागू करने, स्वीपिंग मशीनों की संख्या बढ़ाने तथा जनसहभागिता एवं पब्लिक फीडबैक को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। स्रोत पर कचरा पृथक्करण की स्थिति सुधारने पर विशेष बल देते हुए कहा कि इसमें निरन्तर सुधार करें । वर्तमान श्रेणी में रीवा को स्वच्छता में अग्रणी बनाने का यह उपयुक्त अवसर है। अमृत 1 के अंतर्गत सीवेज प्रोजेक्ट की समीक्षा में पाया गया कि हाउस सर्विस कनेक्शन की प्रगति लगभग 25 प्रतिशत है। अपर मुख्य सचिव ने हाउस सर्विस कनेक्शन की संख्या शीघ्र बढ़ाने तथा संविदाकार को भुगतान हाउस कनेक्शन के अनुपात में ही करने के निर्देश दिए। सभी निर्मित एवं निर्माणाधीन एसटीपी को शीघ्र क्रियाशील करने तथा सीवर जल को पूर्ण रूप से ट्रीटेड करने के निर्देश दिए। पूर्व में बाढ़ से क्षतिग्रस्त 12 एमएलडी प्लांट के पुनर्निर्माण हेतु अमृत 2.0 योजना की शेष राशि से स्वीकृति प्रदान की गई। रोड कटिंग के दौरान कोर कटिंग मशीन का अनिवार्यता से उपयोग करने को कहा। अपर मुख्य सचिव ने अर्बन चैलेंज फंड अंतर्गत लगभग 1000 करोड़ रुपये की समग्र योजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहर में जिस तरीके से लगातार अधोसंरचना विकास हो रहा है औरआवश्यक जरूरतों का आंकलन कर अच्छी कार्ययोजना बनानी चाहिए और अपने उपलब्ध हो सकने वाले फण्ड से यूसीएफ के तहत 1000 करोड के प्लान बनाए। जिसमें हाउसिंग प्रोजेक्ट, नदी के बैक फ्लो से बाढ़ की समस्या पर प्रॉजेक्ट, मल्टीलेवल पार्किंग, स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज एवं पुरानी पाइपलाइन परिवर्तन जैसे कार्य शामिल करे । साथ ही इसमें ब्लू और ग्रीन अधोसंरचना विकास विशेष तौर पर जोड़े । डिजास्टर मैनेजमेंट के तहत एस डी आर एफ से फंड हेतु प्रोजेक्ट बनाए जाने के निर्देश दिए ।
वॉटर सप्लाई की समीक्षा में सभी सिस्टम को स्काडा से कनेक्ट करने तथा उसकी जानकारी राज्य स्तर पर प्रदर्शित करने के निर्देश दिए। जल शोधन यंत्र से ट्रीटेड जल की ही आपूर्ति सुनिश्चित करने एवं नियमित क्लोरीनेशन कराने पर बल दिया गया। पेयजल पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में मरम्मत कार्य अनुबंधित कंपनी के कुशल कर्मचारियों से ही कराए जाने तथा व्यय संबंधित एजेंसी से वसूलने के निर्देश दिए गए। पाइपलाइन क्षति पर 10 गुना दंडात्मक कार्रवाई हेतु शासन स्तर से एसओपी जारी करने की बात कही गई।
टाउन प्लानिंग एवं शहरी विकास पर अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि टाउन प्लानिंग स्कीम (टीपीएस) को मुख्य रूप से शहर के बाहरी क्षेत्रों में लागू किया जाए, ताकि अनियोजित विकास को रोका जा सके। उन्होंने निर्देशित किया रीवा में टाउन प्लानर विशेष समय देकर कच्चे एवं अविकसित क्षेत्रों को सुव्यवस्थित शहरी ढांचे में विकसित करने हेतु कार्ययोजना तैयार करेंगे। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि शासकीय विभाग भी भवन निर्माण हेतु विधिवत बिल्डिंग परमिशन प्राप्त करें तथा इस संबंध में राज्य स्तर से सर्कुलर जारी किया जाएगा। राजस्व वसूली की समीक्षा करते हुए संपत्तिकर एवं जलकर की एकीकृत आईडी तैयार करने को कहा। वसूली के लिए विशेष रूप से व्यावसायिक कर संपत्तियों का चिन्हांकन करने तथा 31 मार्च तक शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने हेतु सघन अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। व्यावसायिक उपयोग वाले आवासीय भवनों पर व्यावसायिक दर से कर अधिरोपित कर वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए तथा डोर-टू-डोर वसूली अभियान को तेज करने के निर्देश भी दिए । उन्होंने कहा कि विशेष तौर मार्च तक व्यावसायिक बकायादार की संख्या शून्य हो यह राजस्व के सभी अधिकारी कर्मचारी सुनिश्चित करेंगे अन्यथा कि स्थिति में शासन स्तर से भी कार्रवाई की जावेगी। रेलवे संपत्तियों पर सेवा प्रभार की वसूली एवं अन्य शासकीय भवनों के समान करने तथा संबंधित समस्याओं के निराकरण हेतु जिला एवं राज्य स्तर पर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। नगर निगम रीवा को अपेक्षित ट्रेड लाइसेंस अनुमति शीघ्र प्रदान किए जाने पर भी चर्चा की गई। अपर मुख्य सचिव ने बैठक में सभी योजनाओं के समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं परिणामोन्मुखी क्रियान्वयन पर सख्त निर्देश दिया ।