विंध्यभारत, रीवा
शहर के प्रतिष्ठित माने जाने वाले पीके स्कूल में एक बार फिर शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। विद्यालय में नवमी कक्षा में अध्ययनरत एक मासूम छात्रा से कथित रूप से छेडख़ानी की गई, लेकिन हैरानी की बात यह रही कि घटना के बाद विद्यालय प्रबंधन, विशेषकर प्राचार्य, मामले को दबाने में जुटे नजर आए। प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी लगभग 40 से 42 वर्ष का बताया जा रहा है, जो बीते करीब तीन महीनों से छात्रा का पीछा कर रहा था। घटना उस समय सामने आई जब आरोपी विद्यालय परिसर के आसपास छात्रा से छेडख़ानी कर रहा था। छात्रा द्वारा शोर मचाने पर सुरक्षा कर्मी मौके पर पहुंचे, जिसके बाद आरोपी अपनी बाइक मौके पर छोडक़र फरार हो गया। हालांकि कुछ देर बाद जब वह बाइक लेने वापस लौटा, तो सुरक्षा कर्मियों ने उसे पकड़ लिया। घटना की सूचना मिलते ही छात्रा के परिजन भी विद्यालय पहुंचे और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। परिजनों का आरोप है कि विद्यालय प्राचार्य वरुणेंद्र प्रताप सिंह ने विद्यालय की “गरिमा” का हवाला देते हुए मामले को पुलिस तक न पहुंचाने का दबाव बनाया। यहां तक कहा गया कि शिकायत करने से छात्रा की बदनामी होगी, जबकि परिजन लगातार न्याय और कानूनी कार्रवाई की मांग करते रहे।