विंध्य भारत, रीवा
विंध्य की कलात्मक राजधानी रीवा में आयोजित चित्रांगन अंतरराष्ट्रीय फि़ल्म एवं थिएटर फ़ेस्टिवल के दूसरे दिन भी सांस्कृतिक गौरव की अविरल धारा प्रवाहित होती रही । मध्य प्रदेश नाट्य विद्यालय के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत नाटक ‘गुडिय़ा की शादी’ ने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया। महोत्सव के दूसरे दिन मुख्य अतिथि उप मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश शासन राजेंद्र शुक्ला एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में बॉलीवुड के चर्चित अभिनेता विनीत कुमार जिन्होंने 100 से ज्यादा फिल्मों में अभिनय किया, उपस्थित रहे । उनके साथ रीवा महाराजा पुष्पराज सिंह, राजकुमारी मोहिना सिंह, मध्य प्रदेश नाट्य विद्यालय के निदेशक संजय श्रीवास्तव, नगर निगम रीवा के अध्यक्ष व्यंकटेश पाण्डेय, सहित शहर के अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। दीप प्रज्वलन के साथ दूसरे दिन के सत्र की औपचारिक शुभारंभ हुई । रीवा की धरती पर आयोजित ‘चित्रांगन अंतरराष्ट्रीय फि़ल्म एवं थिएटर फ़ेस्टिवल’ के दूसरे दिन की सफलता पर अपनी शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए उपमुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा “रीवा केवल सफेद बाघों की ही नहीं, बल्कि सफेद संगमरमर जैसी शुद्ध कला और साहित्य की भी जननी रही है। यह हमारे लिए अत्यंत हर्ष और गर्व का विषय है कि ‘चित्रांगन’ के माध्यम से आज अंतरराष्ट्रीय स्तर के कलाकार और नाट्य मंडलियाँ विंध्य की धरा पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही हैं। कल नीतीश भारद्वाज के ‘चक्रव्यूह’ के बाद आज मध्य प्रदेश नाट्य विद्यालय की प्रस्तुति ‘गुडिय़ा की शादी’ ने यह सिद्ध कर दिया कि हमारी सामाजिक जड़ें और कलात्मक संवेदनाएं कितनी गहरी हैं। मैं विशेष रूप से हमारे युवा कलाकारों अंकित मिश्रा, शुभम पाण्डेय सहित सभी आयोजकों को साधुवाद देता हूँ, जो रीवा को सांस्कृतिक पुनर्जागरण के केंद्र के रूप में स्थापित कर रहे हैं।
मेरा यह स्पष्ट मानना है कि किसी भी क्षेत्र का सर्वांगीण विकास तभी पूर्ण होता है जब वहां की कला और संस्कृति फलती-फूलती है। विंध्य की इस समृद्ध विरासत को सहेजने और उसे नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए हमारा निरंतर सहयोग और समर्थन जारी रहेगा। ‘चित्रांगन’ जैसे आयोजन न केवल स्थानीय प्रतिभाओं को वैश्विक मंच प्रदान करते हैं, बल्कि हमारे नागरिकों में एक नई रचनात्मक चेतना का संचार भी करते हैं। विंध्य के युवाओं के पास हुनर की कमी नहीं है, बस उन्हें ऐसे ही सशक्त मंचों की आवश्यकता है।
कृष्णा राज कपूर ऑडिटोरियम में मंचित नाटक ‘गुडिय़ा की शादी’ मध्य प्रदेश नाट्य विद्यालय के प्रशिक्षुओं की कड़ी मेहनत और कलात्मक परिपक्वता का परिणाम था। नाटक के माध्यम से समाज के मध्यमवर्गीय परिवारों के संघर्ष, खुशियों और रिश्तों के ताने-बने को बेहद संजीदगी के साथ पेश किया गया। कलाकारों के जीवंत अभिनय और सधे हुए निर्देशन ने दर्शकों को अंत तक अपनी सीटों से बांधे रखा। पूरी प्रस्तुति के दौरान ऑडिटोरियम तालियों की गडग़ड़ाहट से गूँजता रहा। प्रस्तुति के उपरांत एक्टर विनीत कुमार और महाराजा पुष्पराज सिंह ने नाटक के कलाकारों और तकनीकी दल की मुक्तकंठ से प्रशंसा की, विनीत कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि “रीवा जैसे शहर में इस स्तर का अंतरराष्ट्रीय महोत्सव देखना सुखद आश्चर्य है। ‘गुडिय़ा की शादी’ जैसी प्रस्तुतियाँ बताती हैं कि हमारे देश में रंगमंच का भविष्य सुरक्षित हाथों में है।
कार्यक्रम के अंत में आयोजन समिति द्वारा नाटक के निर्देशक और पूरी टीम को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। महाराजा पुष्पराज सिंह ने कहा कि चित्रांगन महोत्सव के माध्यम से स्थानीय युवाओं को राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों से सीखने का जो अवसर मिल रहा है, वह रीवा के सांस्कृतिक इतिहास में मील का पत्थर साबित होगा। आयोजन समिति से अंकित मिश्रा ने बताया कि महोत्सव के तीसरे दिन भी कई महत्वपूर्ण फि़ल्मों की स्क्रीनिंग और साहित्य सत्र आयोजित किए जाएंगे। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय स्तर के फिल्मकारों के साथ स्थानीय कलाकारों का संवाद भी आकर्षण का केंद्र रहेगा। 01 फरवरी तक चलने वाले इस महाकुंभ में अभी कई और रंग देखने को मिलेंगे।