विंध्य भारत, रीवा
कलेक्ट्रेट के मोहन सभागार में जिला सडक़ सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने कहा कि जिले में सडक़ दुर्घटना के दो ब्लैक स्पॉटों में सुधार का कार्य किया जा रहा है। अन्य स्थलों में भी साइन बोर्ड लगाने और स्पीड ब्रोकर बनाने का कार्य तत्परता से करें। सडक़ दुर्घटनाओं को रोकने के लिए लगातार कार्यवाही करें। वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करने के लिए जागरूकता अभियान चलाएं। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर लगातार कार्रवाई करें। ई डॉर पोर्टल के माध्यम से सडक़ दुर्घटनाओं की मॉनीटरिंग करने पर इनमें धीरे-धीरे कमी आ रही है। राहवीर योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करें।
बैठक में कलेक्टर ने कहा कि चोरहटा से रतहरा रिंग रोड के अनावश्यक कट्स तत्काल बंद कराएं। जय स्तंभ चौक पर सडक़ को चौड़ा करने, रोटरी को छोटा करने तथा यातायात को सुगम बनाने के अन्य उपायों पर तत्परता से कार्यवाही करें। माडल रोड में रेलवे ओवर ब्रिाज से बायपास के बीच तीन बड़ी कालोनियों के सामने स्पीड ब्रोकर बनाएं। वाहनों की अधिक गति के कारण यहाँ अक्सर दुर्घटनाएं होती हैं। बैठक में पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र सिंह चौहान ने कहा कि जिला परिवहन अधिकारी, नगर निगम आयुक्त तथा पुलिस के अधिकारी मिलकर ई रिक्शा और आटो रिक्शा को व्यवस्थित कराएं। भीड़-भाड़ वाली सडक़ों पर ई रिक्शा को प्रतिबंधित करके यातायात सुगम करें। रीवा-हनुमना तथा मनगवां-प्रयागराज हाईवे में कई जगह ढावा संचालकों तथा अन्य व्यक्तियों द्वारा अवैध कट बना लिए गए हैं। इन्हें बंद कराने के साथ अवैध कट्स बनाने वालों पर आपराधिक प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई करें।
बैठक में एमपीआरडीसी के जिला प्रबंधक विनोद तंतुवाय ने बताया कि सोहागी घाट के सुधार के लिए टेण्डर की कार्यवाही की जा रही है। कलवारी मोड़ पर भी दुर्घटना रोकने के लिए आवश्यक साइन बोर्ड लगाए गए हैं। निर्माणाधीन बायपास में भी साइन बोर्ड पर्याप्त संख्या में लगाए गए हैं। बैठक में ऑल इंडिया परमिट बसों के बस स्टैण्ड में प्रवेश पर कार्यवाही, बस संचालकों के साथ बैठक करके पुराने और नए बस स्टैण्ड में सडक़ों पर सवारी बैठाने पर रोक संबंधी कार्यवाही तथा यातायात नियमों के प्रचार-पसार के संबंध में निर्णय लिया गया।
बैठक में अपर कलेक्टर श्रीमती सपना त्रिपाठी ने बताया कि राहवीर योजना में गोल्डन ऑवर में दुर्घटना पीडि़त को सहायता देकर अस्पताल पहुंचाने वाले को 25 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को कैशलेस उपचार योजना के तहत डेढ़ लाख रुपए तक की उपचार सहायता नि:शुल्क देने का प्रावधान है। यह योजना औपचारिक रूप से शीघ्र ही शुरू हो रही है। इसमें 48 अस्पतालों को शामिल किया गया है। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मेहताब सिंह गुर्जर, प्रभारी डीएफओ नितेश खण्डेलवाल, एसडीएम हुजूर अनुराग तिवारी, परिवहन अधिकारी मनीष त्रिपाठी, डिप्टी कलेक्टर जीपी अग्रवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजीव पाठक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आरती सिंह, एसडीओपी उदित मिश्रा तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।