महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार को ले जा रहा चार्टर्ड विमान बुधवार सुबह बारामती एयरपोर्ट पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में अजित पवार समेत विमान में सवार सभी पांच लोगों की मौत हो गई। हादसे को लेकर अब एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) और पायलट के बीच हुई बातचीत की अहम जानकारी सामने आई है।
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि हादसे के वक्त बारामती एयरपोर्ट पर विजिबिलिटी बेहद खराब थी। इसी वजह से लैंडिंग के दौरान विमान को परेशानी का सामना करना पड़ा।
जांच में जुटीं DGCA और AAIB की टीमें
मंत्री नायडू ने बताया कि दुर्घटना की जांच के लिए नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) और एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की टीमें मौके पर पहुंच चुकी हैं। उन्होंने कहा कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जाएगी और रिपोर्ट आने के बाद ही दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।
पहली कोशिश में नहीं दिखा रनवे
केंद्रीय मंत्री के अनुसार, जब विमान पहली बार लैंडिंग की कोशिश कर रहा था, तब ATC ने पायलट से पूछा कि क्या रनवे दिखाई दे रहा है। इस पर पायलट ने ATC को बताया कि रनवे नजर नहीं आ रहा है। इसके बाद सुरक्षा के मद्देनजर विमान को ‘गो-अराउंड’ करने का निर्देश दिया गया।
दूसरी लैंडिंग में हुआ हादसा
दूसरी बार लैंडिंग की कोशिश के दौरान ATC ने फिर पायलट से रनवे दिखने को लेकर सवाल किया। इस बार पायलट ने रनवे दिखने की पुष्टि की। ATC से लैंडिंग की अनुमति मिलने के बाद विमान नीचे उतरा, लेकिन कुछ ही देर में हादसे का शिकार हो गया।
अंतिम संस्कार में शामिल हुए केंद्रीय मंत्री
केंद्रीय मंत्री के. राम मोहन नायडू और नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल दिल्ली से पुणे पहुंचे और अंतिम संस्कार में शामिल हुए। मंत्री ने कहा कि सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट के बाद ही हादसे की असली वजह स्पष्ट हो पाएगी।