शिव बारात में आकर्षण का केंद्र रहेगा 31 फीट का त्रिशूल

विंध्य भारत, रीवा

महाशिवरात्रि पर्व के अवसर पर विगत वर्षो की भांति इस वर्ष भी भगवान भोलेनाथ की भव्य बरात व्यंकट रोड़ रीवा स्थित बैेजू धर्मशाला के प्रांगण से 15 फरवरी को प्रात:काल 9.00 बजे निकाली जावेगी। भोलेनाथ की बरात बैजू धर्मशाला से प्रारंभ होकर खन्ना चौराहा, व्यंकट रोड़, स्टेच्यू चौराहा, सांई मंदिर, चक्रधर सिटी, रसिया मोहल्ला, शिल्पी प्लाजा बी-ब्लाक से होते हुए स्वागत भवन, प्रकाश चौराहा, स्टेच्यू चौराहा, सिन्धी चौराहा, फोर्ट रोड़ होते हुए एस के स्कूल के पास से मुडक़र
श्रमकल्याण केन्द्र के पास स्थित पचमठा आश्रम पहुॅचेगी जहां शिव-पार्वती का विवाह विधि विधान के साथ सम्पन्न होगा। इस अवसर पर पचमठा आश्रम में दोपहर 1 बजे से सांयकाल 5.00 बजे तक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ विशाल भण्डारा का आयोजन किया गया है। इस अवसर पर दिल्ली के चौपडा एण्ड चौपडा ग्रुप द्वारा भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया जावेगा। जिसमें अन्तर्राष्ट्रीय भजन गायिका शैलजा सिंह,कानपुर, भजन सम्राट उत्तम राय कोलकता एवं प्रदीप सांवरा (हडिया,उप्र)द्वारा भक्ति संगीत का कार्यक्रम प्रस्तुत किया जावेगा। स्टेज प्रोग्राम में महाराष्ट्रीयन कलाकारों द्वारा गणेश वन्दना, सती दहन, कृष्ण लीला, राजस्थानी मटकी फोल्क डांस (सिर में 21 मटकी रखकर), मथुरा का चरकुला लोक नृत्य(मथुरा के कलाकारो द्वारा सिर पर 108 दीपों से) तथा देशभक्ति से परिपूर्ण भारतीय नृत्य मुख्य आकर्षण का केन्द्र रहेगा। सांस्कृतिक कार्यक्रम का प्रभारी अनिल केशरी को बनाया गया है। साथ ही पचमठा आश्रम में 14 फरवरी को सुबह 10 बजे से अखण्ड मानस पाठ का आयोजन किया गया है। उक्त आशय की जानकारी शिव बारात आयोजन एवं जनकल्याण समिति द्वारा रीवा मार्केट में आयोजित पत्रकार वार्ता में देते हुए आयोजन समिति के अध्यक्ष मनीष गुप्ता ने बताया कि- पूज्य श्री आदि शंकराचार्य द्वारा 1200 वर्ष पूर्व संवत् 818 में सनातन धर्म की स्थापना हेतु पांचवे मठ की स्थापना की गई थीं जो धर्म व अध्यात्म के केन्द्र के रूप में रीवा शहर के बीहर-बिछिया नदी के किनारे घोघर वार्ड नम्बर 35 में स्थित है। पूज्य संत 1008 मोतीदास महराज एवं संत ऋषि कुमार महराज के कृपापात्र शिष्य समाजसेवी स्व रमेश चन्द गुप्ता कई दशकों से पचमठा आश्रम में विशाल भण्डारा का कार्यक्रम आयोजित करतें थें एवं अन्य सामाजिक एवं धार्मिक, आध्यात्मिक गतिविधियों का केन्द्र रहा है। उक्त धार्मिक कार्यक्रम को परम्परानुसार आगे बढ़ाने का प्रयास शिव बरात आयोजन एवं जनकल्याण समिति द्वारा किया जा रहा है। श्री गुप्ता ने आगे बताया कि – भगवान भोलेनाथ की बरात में धर्म ध्वजा,
शहनाई,नगडिय़ा, घोड़ा,बग्घी, झंकार धमाल, महाकाल की पालकी, भगवान भोलेनाथ का 31 फिट का त्रिशूल डमरू के साथ, रक्तबीज कॉली की झांकी, आदियोगी भगवान की झांकी, केदारनाथ मंदिर की झांकी, नरसिंह अवतार की झांकी, राधाकृष्ण की रासलीला की झांकी, नंदी में सवार शिव पार्वती की झांकी, भोलेनाथ के परिवार की झांकी, विशालकाय चिंपाजी, देशभक्ति नृत्य, अघोरी नृत्य, डमरूदल, संतजन तथा चलित आर्केष्ट्रा मुख्य आकर्षण का केन्द्र रहेगी। भगवान भोलेनाथ की बरात का 108 स्थानों पर शिव बरात के मार्ग में श्रद्धालुओं द्वारा स्वागत किया जावेगा तथा शिव बारात में अधिक से अधिक शिवभक्तों को आंमत्रित करने के उद्देश्य से 1फरवरी 2026 को श्रृंगेश्वरनाथ (देवतालाब) फोर व्हीलर वाहन आमंत्रण रैली एवं 11फरवरी 2026 को टू-व्हीलर शिव आव्हान रैली का आयोजन किया गया है।
पत्रकार वार्ता में समिति के पदाधिकारियों ने शिव बारात के मार्ग में एवं पचमठा आश्रम में पर्याप्त साफ-सफाई, सुरक्षा, प्रकाश एवं पेयजल व्यवस्था कराये जाने की मांग जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन एवं नगर निगम प्रशासन से की गई। साथ ही भगवान भोलेनाथ की बारात का जगह-जगह पर स्वागत करने तथा अधिक से अधिक संख्या में भगवान भोलेनाथ जी की बरात में शामिल होकर भण्डारा प्रसाद ग्रहण करने का नगरवासियों से अनुरोध किया गया है। पत्रकारवार्ता में मुख्य रूप से कमलेश अग्रवाल, प्रतीक मिश्रा, अनिल केशरी, राजेन्द्र निगम,सुशाील वर्मा, संजय श्रीवास्तव, सुरेश विश्नोई, प्रतीक पाण्डेय, सुमित गुप्ता, विनोद गुप्ता, रमाकांत पुरवार, रवि गुप्ता, राहुल गुप्ता,मोहित अग्रवाल, अनूप द्विवेदी, राजेश नामदेव, सुरेश राय, ओम प्रकाश मिश्रा गुरू , चंदन कछवाहा, कृष्ण मुरारी मिश्रा, पियूष मिश्रा,अमित गुप्ता, राजेश भल्ला, मोहित मिश्रा सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

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