विंध्यभारत, रीवा
स्वच्छता सर्वे 2025-26 की टूल किट जारी हो गई है, इस स्वच्छता सर्वेक्षण में शहर वासियों की जिम्मेदारी को और बढ़ा दिया गया है, इस बार जनता की राय पर नगर निगम को 1000 नंबर तक मिल सकते हैं, जगकि वर्ष 2024 के टूलकिट में यह नंबर 500 ही थे, हालांकि बीते दो सर्वेक्षणों से जनता का फीडबैक नगर निगम को अच्छा मिल रहा है। जिससे इस बढ़े हुए नंबर पर निगम एक बार फिर अच्छे अंक हासिल कर सकता है। मैन सर्वे का स्कोर पिछले 10,000 अंक से बढ़ाकर 10,500 कर दिया गया है। दरअसल, सर्वे की थीम अब स्वच्छता को स्वभाव और संस्कार बनाने पर केंद्रित है। जारी नई टूल किट के अनुसार, सिटीजन फीडबैक पूरे साल डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से लिया जाएगा। पिछली बार इसे हर तीन महीने में एक बार लिया जाता था। रेड स्पॉट और येलो स्पॉट यानी पान के दाग और खुले में टॉयलेट जैसी गंदगी को भी रोकना अनिवार्य होगा।
शामिल हुआ नया अवार्ड
इस बार सर्वे में स्वच्छ जोड़ी का नया अवार्ड भी शामिल किया गया है। बड़े शहर पास के छोटे शहर की स्वच्छता में सहयोग करेंगे और उन्हें अपग्रेड करेंगे। केंद्र सरकार की योजना के अनुसार, सांसद, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि इन खंतियों को गोद लेकर उन्हें पूरी तरह साफ करेंगे। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने भी दिल्ली की एक खंती को गोद लिया है।
टीम अप्रैल में कर सकती है सर्वे
अप्रैल में सर्वे टीम शहर का निरीक्षण कर सकती है, जबकि आमतौर पर यह सर्वे दिसंबर और जनवरी में हो जाता था। पुरानी कचरा खंतियों (लिगेसी वेस्ट) को खत्म करना अब टारगेट में शामिल है। छोटे-छोटे कचरा घरों को क्लीनलिनेस टारगेट यूनिट की तरह देखा जाएगा और इन्हें समय पर साफ करना होगा। बता दें कि नई टूल किट में स्वच्छता के 10 पैरामीटर के 50 इंडिकेटर्स को 173 सब इंडीकेटर्स में बांटा गया है। शहर में कोई भी खुली डस्टबिन नहीं होनी चाहिए।
पिछले वर्ष टूटा रिकार्ड
बता देें कि स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 में रीवा ने कई शहरों को पछाड़ा। नगर निगम आयुक्त डॉ.सौरभ सोनवणे की कड़ी मेहनत रंग लाई। रीवा को 5 स्टार रेटिंग तो मिली ही इसके अलावा रीवा 3 लाख आबादी वाले सबसे स्वच्छ टॉप 5 शहरों में शामिल हुआ। पिछले वर्ष रीवा को 5वीं रैंक मिली थी। जबकि रीवा की रैंक वर्ष 2023 में 42वीं थी। इस वर्ष 2025 सर्वे में रीवा एक बार फिर टॉप में आने के लिए तैयार है, रीवा में स्वच्छता के क्षेत्र में ननि आयुक्त ने कई बड़े कार्य किए हैं, इसके अलावा बड़े अतिक्रमणों का सफाया भी नगर निगम की रैंक में बड़ा बदलाव ला सकता है।