विंध्यभारत, रीवा
एक तरफ प्रशासन कानून व्यवस्था के बड़े-बड़े दावे करता है, वहीं दूसरी ओर रीवा जिले के सेमरिया से एक ऐसा मामला सामने आया है जो पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है.सेमरिया निवासी फूलचन्द्र प्रजापति बीते 19 दिसंबर 2025 से लापता हैं, लेकिन परिजनों का आरोप है कि पुलिस इसे साधारण ‘गुमशुदगी’ मानकर ठंडे बस्ते में डाल रही है, जबकि यह स्पष्ट रूप से अपहरण का मामला प्रतीत होता है.
परिजनों का आरोप भी है 3 लोग आए थे और घर से लेकर चले गए जिस पर पुलिस ने मात्र गुमसुदगी दर्ज की पीडि़त भाई सोम चंद्र प्रजापति द्वारा आज 6 दिसम्बर की दोपहर 2 बजे को पुलिस अधीक्षक से शिकायत करते हुए बताया कि फूलचन्द्र प्रजापति को 19 दिसंबर की रात लगभग 10 बजे कुछ अज्ञात लोग अपने साथ ले गए थे.तब से आज तक उनका कोई सुराग नहीं लगा है।
सेमरिया थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने के बावजूद पुलिस ने इसे अपहरण की जगह साधारण गुमशुदगी में दर्ज किया। पीडि़त ने साफ तौर पर बताया है कि उनके भाई के लापता होने में उनके ही भाई की पत्नी और साले का हाथ होने की आशंका है। इसके बावजूद पुलिस ने अब तक उनसे कड़ाई से पूछताछ नहीं की है।
आरोपी अब उन्हें भी डरा-धमका रहे हैं और उनके साथ भी कोई अप्रिय घटना घट सकती है. आखिर क्यों एक गरीब परिवार की चीखें प्रशासन तक नहीं पहुँच पा रही हैं जब पीडि़त परिवार स्पष्ट रूप से नामजद संदेहियों पर शक जाहिर कर रहा है, तो पुलिस हाथ पर हाथ धरे क्यों बैठी है क्या पुलिस किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रही है पीडि़तों ने पुलिस अधिकारियों से मांग की है कि मेरे भाई को जबरन ले जाया गया है.हमें डर है कि उनके साथ कुछ बुरा न हो जाए.पुलिस हमारी बात सुनने को तैयार नहीं है और आरोपी हमें भी परेशान कर रहे हैं।