शुरू हुआ माघ मेला 2026, फिर हाईवे में दिखेगा जाम, रीवा के रास्ते 2 करोड़ श्रद्धालुओं के जाने का अनुमान

रीवा। देश भर के श्रद्धालु आज से रीवा होकर माघ मेले में स्नान और कल्पवास करने प्रयागराज जा रहे हैं। पौष पूर्णिमा के अवसर पर आज (शनिवार) से माघ मेला 2026 का औपचारिक शुभारंभ हो गया है।
त्रिवेणी संगम पर आस्था की डुबकी लगाने के लिए देश के कोने-कोने से भीड़ उमड़ रही है। 44 दिनों तक चलने वाले इस मेले में 9 करोड़ से ज्यादा लोगों के पहुंचने की संभावना है। महाकुंभ के आंकड़ों को देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि करीब 2 करोड़ श्रद्धालु रीवा के रास्ते प्रयागराज जा सकते हैं।
मेला शुरू होते ही इसका सीधा असर मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाले रीवा–प्रयागराज हाईवे पर देखने को मिल रहा है। नववर्ष के बाद से ही यहां आवाजाही तेज हो गई थी। रीवा जिले की सीमा से नजदीक प्रयागराज की सीमा के भीतर कई किलोमीटर तक वाहनों की कतारें देखी गईं। हालांकि, डायवर्जन प्लान और अतिरिक्त पुलिस बल के कारण हालात काबू में हैं। रीवा संभाग में पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड पर है। प्रमुख चौराहों और एंट्री पॉइंट्स पर निगरानी रखी जा रही है ताकि जाम न लगे। पिछले कुंभ मेले के दौरान लगे लंबे जाम से सबक लेते हुए प्रशासन ने इस बार माघ मेले से पहले ही तैयारी कर ली है।
वैकल्पिक मार्गों की पहचान की गई है।
नो-एंट्री व्यवस्था और भारी वाहनों पर नियंत्रण की योजना लागू है। जरूरत पड़ने पर प्रयागराज शहर में प्रवेश से पहले ही भारी वाहनों को रोका जाएगा और उन्हें डायवर्ट किया जाएगा। प्रशासन के अनुसार, माघ मेले के दौरान इन प्रमुख स्नान पर्वों पर श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ जाएगी
हाईवे से लेकर शहर के भीतर तक अस्थायी पार्किंग स्थल बनाए गए हैं। बाहरी वाहनों को यहीं रोका जाएगा। साथ ही, होल्डिंग पॉइंट्स भी बनाए गए हैं। रीवा प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे तय मार्गों का ही उपयोग करें और यातायात नियमों का पालन करें। माघ मेला 15 फरवरी 2026 (महाशिवरात्रि) तक चलेगा।
पर्यटन विभाग की तरफ से बताया गया कि मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग एमपी में आने वाले सभी श्रृद्धालुओं का स्वागत कर रहा है। प्रयाग के पहले वे लंबे रास्ते के दौरान विंध्य क्षेत्र और रीवा में रुककर लंच-डिनर के साथ यहां के अनेकानेक प्रमुख पर्यटन स्थलों जैसे चित्रकूट,मैहर माता मंदिर,महामृत्युंजय मंदिर और अन्य जगहों का भी भ्रमण लाभ ले सकते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *