रीवा जिले भर में 96 खरीदी केन्द्रों में समर्थन मूल्य पर धान का उपार्जन किया जा रहा है। राजस्व तथा अन्य विभाग के अधिकारियों द्वारा खरीदी केन्द्रों का नियमित रूप से निरीक्षण कर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। इस क्रम में अपर कलेक्टर श्रीमती सपना त्रिपाठी ने खरीदी केन्द्र बरहुला, रिमारी, जवा तथा खरीदी केन्द्र लूक कोनी का निरीक्षण किया। अपर कलेक्टर ने कहा कि उपार्जित धान का व्यवस्थित भण्डारण कराएं। खरीदी केन्द्र प्रभारी धान का परिवहन कराकर गोदामों में पहुंचाएं। गोदामों में धान पहुंचने के बाद ही स्वीकृति पत्र जारी होता है, जिसके बाद किसानों को भुगतान किया जाता है। परिवहन में देरी से किसानों को भुगतान में देरी होगी। अपर कलेक्टर ने किसानों से संवाद करके खरीदी केन्द्र में की गई व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी ली। निरीक्षण के समय नायब तहसीलदार निवेदिता त्रिपाठी तथा खरीदी से जुड़े अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
अब तक जिले में 3 लाख 39 हजार टन धान की हुई खरीद
जिले में 96 खरीदी केन्द्रों में पंजीकृत किसानों से समर्थन मूल्य पर धान का उपार्जन किया जा रहा है। जिले में 2 जनवरी तक 55198 किसानों से 3 लाख 39 हजार 559 टन धान का उपार्जन किया जा चुका है।
इस संबंध में अपर कलेक्टर श्रीमती सपना त्रिपाठी ने बताया कि अब तक 65043 किसानों ने उपार्जन के लिए स्लॉट बुक किए हैं। कुल खरीदे गए धान में से 2 लाख 39 हजार 472 टन धान का परिवहन करके सुरक्षित भण्डारण कराया जा चुका है। कुल खरीदी में से 3 लाख 16 हजार 760 टन धान परिवहन के लिए तैयार है। अब तक गोदाम स्तरीय खरीदी केन्द्रों में 95 प्रतिशत तथा समिति स्तरीय खरीदी केन्द्रों में खरीदी गई धान के 88 प्रतिशत के स्वीकृति पत्र जारी किए जा चुके हैं। किसानों को 804 करोड़ 49 लाख का भुगतान मंजूर किया गया है तथा 444 करोड़ 75 लाख रुपए का किसानों के बैंक खाते में भुगतान किया जा चुका है। धान का उपार्जन 20 जनवरी तक किया जाएगा।
अपर कलेक्टर ने कई खरीदी केन्द्रों का किया निरीक्षण