भोपाल। संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि सिर्फ भाजपा को देखकर संघ के बारे में विचार न बनाएं, संघ किसी का रिमोट कंट्रोल नहीं है। अब समय आ गया हिंदू शक्ति के रूप में आए जो हिंदू भूल गए हैं उन्हें साथ लेकर आएं। वे संघ के 100 साल पूरे होने पर प्रमुख जन संगोष्ठी में बोल रहे थे।भागवत ने कहा कि जिस राज्य में रहते वहां की भाषा आना ही चाहिए। तीन भाषा आना चाहिए एक राज्य. एक देश और एक दुनिया की भाषा। हमें चीन से सीखना चाहिए कि बड़ा राष्ट्र कैसे बनाया जाता है।
डॉ. मोहन भागवत ने कुली फिल्म का उदाहरण देते हुए कहा “उस समय युवा लाल कुर्ता या शर्ट पहनते थे.भागवत ने कहा “हम ऐसे युवाओं का निर्माण कर रहे हैं जो समाज में सार्थक फैशन को बढ़ाएं.”भागवत ने कहा “हमें एआई को कंट्रोल करना है, न कि कंट्रोल होना है. उसका उपयोग विकास में करना है. हमें ऐसे युवाओं का निर्माण करना है, जो एआई या अन्य तकनीक का उपयोग देशहित में करें.” सरसंघचालक ने कहा “कोई भी नेता, नीति और व्यवस्था, ये सब तब सहायक होते हैं, जब समाज गुणसम्पन्न होता है. भारत का युवा जाग गया है. वह अपने देश को समर्थ बनाना चाहता है.”भागवत ने युवाओं से अपील की “वे संघ की शाखा में आएं या फिर संघ की योजना से चल रहे अपने रुचि के कार्य में जुडक़र राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दें. व्यक्ति निर्माण जिस तरह से संघ में होता है, ऐसा दुनिया में कोई दूसरा नहीं करता.”
भाजपा को देखकर संघ के बारे में विचार न बनाएं : भागवत