मुख्यमंत्री ने मां बगलामुखी देवी लोक में होने वाले कार्यों का किया भूमि-पूजन
लगभग 20 हेक्टेयर भूमि पर बनेगा भव्य देवी लोक
नलखेड़ा आने वाले श्रद्धालुओं को मिलेंगी विश्वस्तरीय सुविधाएं
लखुंदर नदी के तटों पर सुंदर और भव्य घाट बनाएं जाएंगे
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आने वाले समय में नलखेड़ा में बन रहा मां बगलामुखी देवी लोक आस्था, अध्यात्म, श्रद्धा, अनुभव और धार्मिक पर्यटन का एक बड़ा केन्द्र बनकर उभरेगा। उन्होंने कहा कि देश-दुनिया से नलखेड़ा आने वाले श्रद्धालुओं को अब यहां विश्व स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को आगर-मालवा जिले की सुसनेर विधानसभा क्षेत्र के नलखेड़ा में विश्व प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर परिसर में प्रस्तावित भव्य देवी लोक परियोजना का भूमि-पूजन किया। डॉ. यादव ने पहले मां बगलामुखी मंदिर पहुंचकर माता रानी के दर्शन किए, विधि-विधान से पूजा-अर्चना की तथा प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की प्रार्थना की। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ उन्होंने भव्य देवी लोक परियोजना के प्रथम चरण के कार्यों का भूमि-पूजन कर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और सिंगल क्लिक से निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज नलखेड़ा में 85.40 करोड़ रुपए लागत के मां बगलामुखी देवी लोक का भूमि-पूजन हुआ है। यहां की महिमा अद्भुत है। मां सभी की मनोकामनाएँ पूरी करती हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा हुए उज्जैन में श्रीमहाकाल लोक के लोकार्पण के बाद पूरा मालवांचल का वातावरण बदल गया है। अब मां बगलामुखी देवी लोक के विकास कार्यों को गति दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नलखेड़ा के मार्ग में आने वाली पुलिया और सडक़ को आवश्यकतानुसार चौड़ा किया जाएगा, जिससे आवागमन में कोई परेशानी न हो। डॉ. यादव ने बताया कि आमला से नलखेड़ा तक 55 करोड़ रूपए से अधिक की लागत से लगभग 14 किमी लंबा एक नया बायपास भी बनाया जा रहा है। इस नए फोरलेन के भूमि-पूजन के माध्यम से नागरिकों को बड़ी सौगात मिल रही है। उन्होंने बताया कि लखुंदर नदी पर श्रद्धालुओं के सुरक्षित और सुगम आवागमन के लिए 13.77 करोड़ की लागत से एक नया और विशाल उच्च स्तरीय पुल भी बनाया जा रहा है। साथ ही इस स्थान की सडक़, रेल और हवाई कनेक्टिविटी भी मजबूत की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा बैजनाथ का भी भव्य-दिव्य धाम बन रहा है। मां बगलामुखी का धाम भी ऐसा ही भव्य बनेगा। डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश के 14 से अधिक धार्मिक स्थलों को दिव्यलोक बनाने का संकल्प लिया है। इसमें श्रीराम की नगरी ओरछा, उज्जैन में महाकाल लोक, ओंकारेश्वर में एकात्म धाम, चित्रकूट धाम भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि नलखेड़ा में लखुंदर नदी के तटों पर सुंदर और भव्य घाट बनाए जाएंगे। यहां पूरे परिसर और पार्किंग क्षेत्र का विस्तार होगा। साफ-सुथरे शौचालय, पक्की सडक़ें और अतिथियों के लिए भवन भी बनाया जाएगा। श्रद्धालुओं के लिए धर्मशालाओं में सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि मां बगलामुखी के आशीर्वाद से इस वर्ष अलनीनो का प्रभाव कम रहा है और अच्छी बारिश के साथ सोयाबीन की फसल भरपूर हुई है। उन्होंने बताया कि इस साल किसानों को सोयाबीन की उपज पर लगभग 7000 रुपए प्रति क्विंटल का मूल्य मिलेगा।
जीवन में सत्कर्मों का दीप सतत रहे प्रज्ज्वलित
मुख्यमंत्री ने बड़वानी जिले के जामली के गायत्री धाम में गायत्री परिवार के सदस्यों के साथ योगाभ्यास किया। उन्होंने योग, आध्यात्मिक चेतना, सकारात्मक विचारों और स्वस्थ जीवनशैली के महत्व पर प्रकाश डालते हुए सभी को सद्भावना एवं सत्कर्मों के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। डॉ. यादव ने कहा कि शरद पूर्णिमा के साथ आज से वास्तव में दीपावली का शुभारंभ हो गया है। परमात्मा ने हम सभी के मन में जो दीप प्रज्ज्वलित किया है, वह जीवन भर ऊर्जा का स्रोत बना रहे। हमारा शरीर जब तक साथ दे, तब तक हमारे हाथों से सत्कर्म होते रहें, मन में सद्भावना बनी रहे और दुर्विचार समाप्त हों। डॉ. यादव ने कहा कि मनुष्य का जन्म लेना और जीवन यात्रा पूर्ण करना, सब ईश्वर की कृपा से निर्धारित समय का हिस्सा है। महाकाल, भगवान श्रीकृष्ण और माँ गायत्री की कृपा से हमें जो जीवन मिला है, उसका अधिकतम सदुपयोग करना चाहिए। प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन के समय का श्रेष्ठतम उपयोग करते हुए अच्छे कार्य करने और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढऩे का प्रयास करना चाहिए।
प्राणतत्व का मानव जीवन में विशेष महत्व
मुख्यमंत्री ने भारतीय दर्शन के प्रसिद्ध वैदिक वाक्य ‘यत् पिण्डे तत् ब्रह्माण्डे’ का उल्लेख करते हुए कहा कि जो तत्व हमारे शरीर में विद्यमान हैं, उन्हीं का व्यापक स्वरूप ब्रह्मांड में भी दिखाई देता है। प्रकृति, वनस्पति, पंचतत्व और प्राणतत्व का मानव जीवन में विशेष महत्व है। पंचमहाभूतों के माध्यम से सृष्टि और जीवन की संरचना को समझा जा सकता है। उन्होंने कहा कि शरीर से आगे आत्मा की यात्रा का आध्यात्मिक महत्व भी है। डॉ. यादव ने कहा कि परमात्मा की कृपा से हम सभी को अपने जीवन का लक्ष्य निर्धारित कर उसे प्राप्त करने की दिशा में आगे बढऩा चाहिए। जीवन में आध्यात्मिक चेतना, सद्भावना और सत्कर्मों को अपनाकर समाज एवं राष्ट्र के कल्याण में योगदान देना चाहिए।

