विंध्य और बुंदेलखंड को रेलवे की नई सौगात
विंध्य-बुंदेलखंड के लिए नई लाइफलाइन बनेगी रेल कनेक्टिविटी : रेल मंत्री
आजादी के बाद अब जाकर सीधी जिला रेल नेटवर्क से जुड़ा
रेल कनेक्टिविटी से किसानों, विद्यार्थियों, व्यापारियों और आम नागरिकों को होगा लाभ
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वर्चुअली सतना-देवेन्द्र नगर एवं रीवा-चुरहट रेल लाइन का उद्घाटन किया। साथ ही देवेन्द्र नगर-चुरहट ट्रेन सेवा को भी हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री धार जिले के सरदारपुर से वर्चुअली कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर नागौद एवं चुरहट रेलवे स्टेशन पर मुख्य कार्यक्रम आयोजित किए गए।
मुख्यमंत्री ने शुभारंभ कार्यक्रम को वर्चुअली सम्बोधित करते हुए कहा कि आज विंध्य और बुंदेलखंड के लिए रेलवे की नई सौगात का दिन है। यह रेल परियोजना मध्यप्रदेश को विकास के नए दौर में ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। लगभग 541 किलोमीटर की परियोजना से इस क्षेत्र में रेल नेटवर्क का विस्तार होगा और लंबे समय से रेल कनेक्टिविटी की आवश्यकता महसूस कर रहे क्षेत्रों को लाभ मिलेगा। उन्होंने इस सौगात के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश को लगभग 1 लाख 50 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लाभ मिला है। डॉ. यादव ने कहा कि रेल संपर्क बढऩे से किसानों को अपनी उपज बड़े बाजारों तक पहुंचाने में सुविधा मिलेगी। व्यापारिक गतिविधियों का विस्तार होगा और लॉजिस्टिक्स सुविधाएं बेहतर होंगी। विद्यार्थियों सहित आम नागरिकों को आवागमन के लिए बेहतर विकल्प उपलब्ध होंगे। यह रेल परियोजना पन्ना, रीवा, सीधी, सिंगरौली और सतना सहित विंध्य एवं बुंदेलखंड के क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करने के साथ मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के मध्य संपर्क को भी मजबूत करेगी। डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में रेलवे के विस्तार का कार्य तेजी से चल रहा है। वंदे भारत जैसी आधुनिक रेल सेवाएं संचालित हो रही हैं। मध्यप्रदेश में विकास का स्वर्णिम समय चल रहा है। उन्होंने बताया कि ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग-खंडवा रेल लाइन का लोकार्पण भी शीघ्र किया जाएगा। डॉ. यादव ने विंध्य और बुंदेलखंड के नागरिकों की ओर से रेल परियोजना की सौगात के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी तथा केंद्रीय रेल मंत्री श्री वैष्णव के प्रति आभार व्यक्त किया।
विंध्य और बुंदेलखंड में औद्योगिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा : वैष्णव
केंद्रीय रेल मंत्री श्री वैष्णव ने कहा कि आज का दिन विंध्य और बुंदेलखंड के लिए नई लाइफ लाइन बनने का दिन है। ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व वाले इन क्षेत्रों को रेल नेटवर्क से जोडऩे की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। इससे क्षेत्र के नागरिकों का वर्षों पुराना सपना पूरा हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में देश के विभिन्न हिस्सों को रेलवे नेटवर्क से जोडऩे और रेल सुविधाओं के विस्तार का कार्य किया जा रहा है। श्री वैष्णव ने कहा कि सतना, देवेन्द्र नगर, रीवा और चुरहट सहित आसपास के क्षेत्रों को इस रेल सुविधा का लाभ मिलेगा। बेहतर रेल कनेक्टिविटी से विंध्य और बुंदेलखंड में औद्योगिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा और क्षेत्र में नए औद्योगिक कॉरिडोर के विकास की संभावनाएं बढ़ेंगी। उन्होंने कहा कि रेल सुविधाओं के विस्तार से चिकित्सा सहित अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंच आसान होगी तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। श्री वैष्णव ने बताया कि मध्यप्रदेश में लगभग 1.50 लाख करोड़ रुपये के रेलवे प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। प्रदेश के विभिन्न रेलवे स्टेशनों के विकास और यात्री सुविधाओं के विस्तार के लिए भी कार्य किए जा रहे हैं। खजुराहो, ग्वालियर सहित अनेक स्टेशनों पर विकास कार्य जारी हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में मध्यप्रदेश में लंबी और छोटी दूरी की 100 से अधिक रेल सेवाएं शुरू करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। आने वाले वर्षों में कई मेमू रेल गाडिय़ां मध्यप्रदेश में प्रारंभ की जाएंगी। केंद्रीय रेल मंत्री ने कहा कि विश्व धरोहर खजुराहो में भव्य रेलवे स्टेशन बन रहा है। ग्वालियर स्टेशन की भव्यता ऐसी होगी कि कई एयरपोर्ट इससे पीछे नजर आएंगे। आज भारतीय रेलवे देश के नागरिकों के प्रति श्रद्धा और कर्तव्यभाव के साथ अपनी सेवाएं प्रदान कर रही है।
मध्य प्रदेश के 80 रेलवे स्टेशन पुर्नविकास कार्यक्रम में शामिल
रेल मंत्री ने बताया कि मध्य प्रदेश में लगभग 1 लाख करोड़ की रेलवे परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है। इनमें नई रेल लाइनें, दोहरीकरण, तीसरी और चौथी रेल लाइन का निर्माण तथा आमान परिवर्तन से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं। इन परियोजनाओं के अंतर्गत ललितपुर-सिंगरौली, सतना-रीवा, कटनी-सिंगरौली, जबलपुर-गोंदिया, बीना-भोपाल-इटारसी, इटारसी-नागपुर, रतलाम-खंडवा, इंदौर-बुधनी, इंदौर-दाहोद और इंदौर-मनमाड़ जैसे रेलखंडों पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने पर राज्य में नई रेल सेवाएं शुरू करने का मार्ग प्रशस्त होगा। आने वाले वर्षों में 100 से अधिक लंबी दूरी की ट्रेनें तथा मेमू और इंटरसिटी जैसी 50 से 60 छोटी दूरी की रेल सेवाएं शुरू की जा सकेंगी। स्टेशन पुनर्विकास के संबंध में श्री वैष्णव ने बताया कि खजुराहो स्टेशन को मध्य प्रदेश की संस्कृति और विरासत को दर्शाने वाली वास्तुकला के अनुरूप विकसित किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त अशोकनगर, बालाघाट, व्यौहारी, नैनपुर, नर्मदापुरम, छतरपुर, ओरछा, शिवपुरी, हरपालपुर, छिंदवाड़ा और सिवनी सहित कई स्टेशनों पर पुनर्विकास कार्य किए जा रहे हैं। राज्य के लगभग 80 रेलवे स्टेशनों को भी पुनर्विकास कार्यक्रम के अंतर्गत शामिल किए जाने का उल्लेख किया गया। रेल परियोजना से जुड़ी पर्यावरणीय प्रतिबद्धताओं पर जोर देते हुए रेल मंत्री ने अन्ना क्षेत्र में पेड़ों की कटाई का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि काटे गए पेड़ों की संख्या से अधिक पौधे लगाने की योजना बनाई गई है। उन्होंने महाप्रबंधक, मंडल रेल प्रबंधक और जिलाधिकारी को स्थल पर जाकर पौधरोपण का निरीक्षण करने, लगाए गए पौधों के जीवित रहने की स्थिति सुनिश्चित करने तथा आवश्यकता पडऩे पर नए पौधे लगाने के निर्देश दिए।
सपनों के साकार होने का ऐतिहासिक दिन: राजेन्द्र शुक्ल
उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि आज सपनों के साकार होने का ऐतिहासिक दिन है। वर्ष 2016 में तत्कालीन रेल मंत्री श्री सुरेश प्रभु ने जिस रेल परियोजना की नींव रखी थी, वह वर्ष 2026 में साकार हो रही है। यह रेल लाइन प्रदेश की ऊर्जाधानी सिंगरौली को रीवा और सतना के सीमेंट उद्योगों से जोडऩे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र के समग्र विकास के लिए औद्योगिक क्रांति, पर्यटन क्रांति और कृषि क्रांति आवश्यक हैं, जिनकी आधारशिला मजबूत अधोसंरचना होती है। विंध्य क्षेत्र में रेल, सडक़ और हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार से विकास की नई संभावनाएं निर्मित हो रही हैं। रीवा-सीधी-सिंगरौली रेल लाइन के साथ रीवा-सीधी फोरलेन और सीधी-सिंगरौली फोरलेन सडक़ परियोजनाओं पर भी कार्य प्रगतिरत है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि रीवा हवाई अड्डे के लोकार्पण के एक वर्ष के भीतर ही पांच स्थानों के लिए नियमित हवाई सेवाएं संचालित होने लगी हैं और अब तक 50 हजार से अधिक लोग इन सेवाओं का लाभ ले चुके हैं। बेहतर रेल, सडक़ और हवाई संपर्क से उद्योगों की स्थापना, कृषि उत्पादों के परिवहन, पर्यटन गतिविधियों और स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। इससे निवेश और रोजगार के नए अवसर विकसित होंगे तथा लोगों को शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंचने में सुविधा होगी।

