मुख्यमंत्री ने पुलिस के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की
सशस्त्र बलों का शस्त्र धारण करना समाज और राष्ट्र की रक्षा का संकल्प है
शहीद के बुजुर्ग माता पिता को दी जायेगी पचास प्रतिशत राशि
जवानों ने देश में सबसे पहले प्रदेश को नक्सलवाद से मुक्त किया
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव नेपुलिस स्मृति दिवस पर देश की आंतरिक सुरक्षा और कानून व्यवस्था की रक्षा करते हुए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले पुलिस कर्मियों को श्रद्धा-सुमन अर्पित किए। डॉ. यादव ने अपने उद्बोधन में कहा कि पुलिस और सशस्त्र बलों का हमेशा विशेष महत्व रहा है। हमारी सनातन संस्कृति में शस्त्र धारण करने का अर्थ केवल शक्ति का प्रदर्शन नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर रहने का संकल्प लेना है। इस दृष्टि से पुलिस स्मृति दिवस का यह अवसर और भी अधिक सार्थक हो जाता है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि राष्ट्र की सुरक्षा, शांति और सामाजिक व्यवस्था बनाए रखने में हमारे पुलिस बल और सशस्त्र बलों की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है। लाल चौक से लेकर लाल किले की प्राचीर तक लहराता तिरंगा आज पूरे देश और दुनिया के सामने भारत के स्वाभिमान, सामर्थ्य और गौरवशाली परंपरा का प्रतीक है। यह ध्वज हमारे वीर जवानों, उनके अदम्य साहस और अमर बलिदान की गाथा को भी अभिव्यक्त करता है। आज जब पूरी दुनिया उथल-पुथल और अनेक चुनौतियों के दौर से गुजर रही है, तब भी भारत का लोकतंत्र सुरक्षित और सशक्त है। इसमें हमारे सशस्त्र बलों और पुलिस बल की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका है। राष्ट्र की एकता, अखंडता और आंतरिक सुरक्षा के लिए उनका समर्पण हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। मुख्यमंत्री ने अमर शहीदों को नमन कर देश की सुरक्षा में दिन-रात जुटे सभी पुलिसकर्मियों एवं सशस्त्र बलों के जवानों के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि मध्यप्रदेश 35 वर्ष पुराने नक्सलवाद के दंश से बाहर निकला है। हमारे बहादुर जवानों ने मुश्किल परिस्थितियों का सामना कर नक्सलवाद की चुनौती का समूल नाश किया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में मध्यप्रदेश देश में सबसे पहले नक्सलवाद से मुक्त हुआ है। यह हमारे लिए गर्व की बात है। डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने पुलिस जवानों और उनके परिवार के कल्याण के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। जवानों की शहादत के बाद दी जाने वाली 1 करोड़ रुपये राशि में से 50 प्रतिशत पत्नी और 50 प्रतिशत बुजुर्ग माता-पिता को देने का निर्णय किया गया। पुलिस विभाग में नई भर्ती, पदोन्नति और सभी प्रकार की सुविधाओं का ध्यान रखा जा रहा है। मध्यप्रदेश पुलिस ने अपने परिश्रम और समर्पण से राज्य की साख बढ़ाई है। केंद्र सरकार ने नए आपराधिक कानूनों को लागू किया है। प्रदेश में इनके अनुसार व्यवस्थाएं तैयार कर ली गई हैं। राज्य में साइबर अपराध जैसी कई चुनौतियों जैसे विषय हैं, हम सभी मिलकर इन्हें खत्म करेंगे। युवाओं को मौका देने के लिए राज्य सरकार ने पुलिस बैंड सहित अन्य पदों पर नई भर्तियां की हैं। डॉ. यादव ने पुलिस स्मृति दिवस पर शहीदों का स्मरण करते हुए बाबा महाकाल से सभी को अधिक सामर्थ्य और क्षमता प्रदान करने की प्रार्थना की।
सभी अधिकारी फील्ड में रहकर जन समस्याओं का करें निराकरण
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान जन समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए प्रारंभ किया गया अभियान है। सरकार की प्राथमिकता वाले इस अभियान में सभी अधिकारियों को फील्ड में जाना ही है। सभी अधिकारी इस दिन फील्ड में रहकर अधिकतम जनसमस्याओं को मौके पर ही निराकृत करें। डॉ. यादव ने कहा कि अब वे बिना कोई सूचना दिए आकस्मिक रूप से किसी भी जिले में उतरकर वहां जन विश्वास अभियान में शामिल होंगे। डॉ. यादव ने कहा कि जिन जिलों में जनसमस्याओं की लंबित स्थिति बनी हुई है, वे कलेक्टर्स विशेष प्रयास कर लंबित प्रकरणों को न्यूनतम स्थिति में लेकर आएं। मुख्यमंत्री वीडियो कांफ्रेंसिंग से कलेक्टर्स-कमिश्नर्स, एसपी-आईजी की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। डॉ. यादव ने शून्य प्रगति वाले हल्कों की जानकारी मिलने पर रीवा, शहडोल एवं धार जिला कलेक्टर को तत्काल प्रगति लाने के सख्त निर्देश दिए। डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के 12 जिलों में अल्प वर्षा की जानकारी मिली है। संबंधित कलेक्टर्स यहां खेती-किसानी, पेयजल, सिंचाई एवं अन्य प्रबंधन के लिए तत्काल विशेष कार्य योजना तैयार करें। डॉ. यादव ने मौसम परिवर्तन के कारण नागरिकों को होने वाली बीमारियों की रोकथाम के लिये विशेष उपाय करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यह नागरिक स्वास्थ्य से जुड़ा विषय है, सभी सावधानी बरतें। बताया गया कि मौसमी बीमारियों के लिए प्रदेश के सभी जिला चिकित्सालयों और शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में विगत 15 अक्टूबर से चेस्ट क्लीनिक प्रारंभ किए गए हैं। मौसमी रोगों की पहचान एवं उपचार की भी विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं। बताया गया कि मौसम के परिवर्तन के साथ नागरिकों को खांसी, जुकाम, गले और सीने में दर्द की शिकायतें होती हैं। चेस्ट क्लीनिक में ऐसे ही मौसमी रोंगों की जांच कर यह देखा जाएगा कि कहीं यह गंभीर रोग तो नहीं है। डॉ. यादव ने कहा कि 1 नवम्बर को भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में मध्यप्रदेश का स्थापना दिवस समारोह भव्य स्तर पर आयोजित किया जाए। इस अवसर पर कृषि एवं इससे जुड़े विषयों पर केंद्रित प्रदर्शनी भी लगाई जाए

