भारत इससे निपटने में होगा सफल
नई दिल्ली: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि दुनिया इस समय बदलाव और उथल पुथल के दौर में प्रवेश कर रही है। उन्होंने कहा ”संघर्षों और टैरिफ में अस्थिरता के कारण वैश्विक परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण बनी हुई हैं। ऐसे में इन मुश्किल परिस्थितियों से निपटना मौजूदा समय की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।”
जयशंकर ने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि भारत इन चुनौतियों का सामना करने में सफल रहेगा। भू राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच आने वाली चुनौतियों को लेकर पूछे गए सवाल पर जयशंकर ने कहा कि दुनिया में बदलाव और अस्थिरता का दौर चल रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाला समय उथल-पुथल और अनिश्चितताओं से भरा हो सकता है। उन्होंने कहा कि दुनिया दो बड़े संघर्षों का सामना कर रही है और इसके अलावा भी कई तरह के तनाव मौजूद हैं। गैर बाजार कारकों का दबाव और शुल्कों में अस्थिरता भी वैश्विक परिस्थितियों को प्रभावित कर रही है। जयशंकर ने कहा, “इन सभी परिस्थितियों को देखते हुए यह मुश्किल दौर है।” उन्होंने कहा कि भारत के पिछले अनुभव बताते हैं कि देश ने कई बड़ी चुनौतियों का सामना किया है। चाहे वह कोविड महामारी हो या मौजूदा समय में एक साथ सामने आई दो संघर्षों की चुनौती, भारत ने परिस्थितियों के अनुरूप खुद को संभाला है। विदेश मंत्री ने ऊर्जा, खाद्य और उर्वरक जैसी जरूरतों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन सभी चुनौतियों को भारत को अपनी सोच, योजना और प्रतिक्रिया का हिस्सा बनाना होगा। उन्होंने कहा कि यही इस समय देश के सामने मौजूद मुख्य जिम्मेदारी है। जयशंकर ने कहा, “मुझे पूरा भरोसा है कि हम इस चुनौती का सामना करने में सफल रहेंगे।”उन्होंने कहा कि वैश्विक दक्षिण को उम्मीद है कि भारत विश्व मंच पर उसकी आवाज को मजबूती से सामने रखेगा।
