तकनीक बढ़ेगी लेकिन इंसानियत ही असली इलाज :राष्ट्रपति

राजकोट : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस रोबोटिक्स और डिजिटल हेल्थ जैसी नई तकनीकें आज मेडिकल क्षेत्र को तेजी से बदल रही हैं, लेकिन मरीजों की देखभाल में इंसानियत और संवेदनशीलता की जगह कोई तकनीक नहीं ले सकती। यह बात उन्होंने राजकोट स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के पहले दीक्षांत समारोह में नए डॉक्टरों को संबोधित करते हुए कही।
राष्ट्रपति ने कहा कि आज एआई, रोबोटिक्स और डिजिटल हेल्थ ने इलाज के तरीकों को बहुत आगे बढ़ा दिया है। उन्होंने नए डॉक्टरों से कहा कि वे इन तकनीकों को सीखें और अपने काम में इस्तेमाल करें ताकि मरीजों का बेहतर इलाज हो सके। लेकिन उन्होंने यह भी साफ कहा कि कोई भी मशीन मरीज की भावनाओं को नहीं समझ सकती। डॉक्टर की एक मुस्कान, अच्छे शब्द और मरीज की बात सुनना कई बार दवाओं से भी ज्यादा असर करता है। उन्होंने कहा कि डॉक्टर सिर्फ एक पेशा नहीं बल्कि मानव सेवा का काम है। सफेद कोट पहनने का मतलब लोगों का भरोसा और जिम्मेदारी दोनों है, जिसे बनाए रखना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों को धैर्य, विनम्रता और संवेदनशीलता के साथ काम करना चाहिए और समाज की सेवा को अपना लक्ष्य बनाना चाहिए। दीक्षांत समारोह के दौरान अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने एमबीबीएस छात्रों को सलाह दी कि वे हमेशा ईमानदारी और नैतिकता को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि अच्छा डॉक्टर वही है जो ज्ञान के साथ-साथ इंसानियत भी रखे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *