किसानों के कल्याण के लिए धन की कमी कभी आड़े नहीं आएगी : रक्षा मंत्री

रायसेन में 3 दिवसीय उन्नत कृषि महोत्सव का हुआ शुभारंभ
किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़
गांव, गरीब और खेती-किसानी की बेहतरी के लिए जारी रहेंगे हमारे प्रयास
किसानों के श्रम से देश का खाद्यान्न निर्यात हुआ दोगुना : मुख्यमंत्री
किसानों के लिए पाठशाला की तरह है उन्नत कृषि महोत्सव :
भोपाल। रायसेन के दशहरा मैदान पर आयोजित ‘उन्नत कृषि महोत्सव कार्यक्रम में केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि देश की सीमा पर जवान और खेतों में किसान दोनों का समान महत्व है। दोनों ही अपनी मिट्टी के प्राण-प्रण से सेवा में तत्पर रहते हैं। किसान हमारे देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, हमारी ताकत हैं। इनके बिना हमारे भोजन की थाली अधूरी है। किसानों की मुस्कान ही हमारी पूंजी है। उन्होंने कहा कि खेती-किसानी बड़े जोखिम का काम है, फिर भी हमारे किसान पूरी मेहनत और लगन से देशवासियों का उदर-पोषण करते हैं। रक्षा मंत्री ने कहा कि वे स्वयं एक किसान पुत्र हैं। किसानों की वेदना और उनकी जरूरतों से वाकिफ हैं। किसानों का कल्याण हमारा लक्ष्य है। इनकी बेहतरी के लिए हम संकल्पबद्ध होकर प्रयास कर रहे हैं।
रक्षा मंत्री ने कहा है कि मध्य प्रदेश विकास के पथ पर लगातार आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लगन के साथ प्रदेश को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने देश के हृदय प्रदेश को एक अलग पहचान दी है। प्रदेश के किसान देश की ताकत हैं, आप सभी हर थाली में अन्न उपलब्ध कराते हैं। किसान हमारे देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। उन्होंने कहा कि खेती एक चुनौतीपूर्ण कार्य है। कृषि क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। गांवों के युवा इससे जुड़ेंगे तो खेती गर्व का विषय बनेगा और हमारे किसान आन-बान और शान से जीवन जीयेंगे। उन्होंने किसानों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि गांव, गरीब, नारी, युवा और खेती-किसानी की लगातार बेहतरी के लिए हमारे प्रयास आगे भी इसी तरह जारी रहेंगे। रक्षा मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देश के हृदय प्रदेश को एक अलग पहचान दी है। मध्यप्रदेश के किसानों की मेहनत और लगन प्रेरणादायी है। प्रदेश की जनता का अतिथि सत्कार दिल जीत लेता है, यह मध्यप्रदेश की खासियत है। श्री सिंह ने कहा कि बीते सालों में केंद्र सरकार ने किसानों के लिए बेमिसाल कार्य किए हैं। भारत सरकार ने देश के सभी किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड दिए हैं। इसकी मदद से किसान पता लगा पा रहे हैं कि उनके खेत में कौन सी फसल ली जा सकती है और उन्हें खाद की कितनी मात्रा डालनी है। इससे कृषि की लागत घटी है। भारत सरकार ने गांव-गांव तक सडक़ें, नल से जल, बिजली कनेक्शन दिए और गांवों को शहरों से जोड़ा है। देशभर की मंडियां ऑनलाइन होने से किसान अब घर बैठे अपनी उपज बेच सकता है। हमारी सरकार ने फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि किसानों और गांवों के लिए अभी भी बहुत कुछ करना शेष है। किसानों के कल्याण के लिए धन की कमी कभी आड़े नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि वे देश के रक्षा मंत्री है, लेकिन दिल से एक किसान भी हैं।
जय जवान, जय किसान का नारा सच्चे अर्थों में चरितार्थ हुआ
रक्षा मंत्री ने बताया कि हमने देशभर में मौजूद सेना की छावनियों के आसपास के किसानों से ही प्राकृतिक खेती से पैदा किए गए फल एवं सब्जियां खरीदने का निर्णय लिया है। प्राकृतिक और जैविक खेती से पैदा फल और सब्जियां के उपभोग से जवानों की सेहत भी अच्छी हुई है। हमने इन खाद्य उत्पादों को बाहर से बुलवाना बंद कर दिया है। इससे किसानों की आमदनी बढ़ी है और उनका जीवन स्तर बेहतर हुआ है। रक्षा मंत्रालय ने श्रीअन्न को भी प्रोत्साहन दिया है। इससे छावनी इलाकों के आसपास के किसानों को श्रीअन्न का समुचित मूल्य मिल रहा है। हमारे प्रयासों से जय जवान, जय किसान का नारा सच्चे अर्थों में चरितार्थ हुआ है। श्री सिंह ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था किसानों पर ही टिकी हुई है। किसानों द्वारा उत्पादित अनाज परिवहन और औद्योगिक क्षेत्र को भी गति देता है। किसान केवल अन्न ही नहीं, वह अर्थव्यवस्था, रोजगार और सेवाओं को भी आगे बढ़ाता है। किसानों के बिना अर्थव्यवस्था बेजान है। हमारी सरकार खेती के पेशे को बड़े सम्मान से देखती है। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। गांवों के युवा इससे जुड़ेंगे तो खेती गर्व का विषय बनेगा और हमारे किसान आत्मनिर्भर जीवन जी सकेंगे।
मध्यप्रदेश के लिए शुभंकर हैं राजनाथ सिंह : डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राजनाथ सिंह मध्यप्रदेश के लिए शुभंकर केन्द्रीय मंत्री हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में दुनिया में भारत की अलग छवि बन रही है। केंद्रीय कृषि मंत्री श्री चौहान देश में कृषि क्षेत्र की सफलता की पहचान बन चुके हैं। जवानों से ही देश की सीमाएं सुरक्षित हैं। भारत का हर क्षेत्र में मान-सम्मान बढ़ रहा है। किसानों की मेहनत से अब हमारा देश दोगुना खाद्यान्न निर्यात कर रहा है। मध्यप्रदेश का केवल रायसेन जिला ही दुनिया के 47 से अधिक देशों को बासमती चावल का निर्यात कर रहा है। डॉ. यादव ने कहा कि खेत में किसान और सीमा पर जवान हमारे लिए दोनों बराबर सम्मान रखते हैं। हमारी सरकारों में प्रदेश के किसानों को गेहूं का उचित मूल्य मिला है। इस वर्ष प्रति क्विंटल 40 रुपए का बोनस देकर किसानों को 2625 रुपए मूल्य पर गेहूं खरीदा जा रहा है। प्रदेश में सिंचाई का रकबा भी बढ़ा है। प्रधानमंत्री मोदी ने गरीब, किसान, युवा और नारी के कल्याण के लिए योजनाओं की शुरुआत की है। प्रदेश में विकास का कारवां निरंतर जारी रखने के लिए हमारी सरकार कृत संकल्पित है।
किसानों के विकास का चल रहा है महायज्ञ : शिवराज
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में हमें शक्तिशाली विकसित भारत बनाना है। देश को मजबूत इरादों वाले प्रधानमंत्री और रक्षामंत्री मिले हैं। विकसित भारत के लिए कृषि का विकास आवश्यक है। हमारे लिए किसान ही भगवान है और किसानों की सेवा ही हमारी पूजा है। देश में किसानों के विकास का महायज्ञ चल रहा है। हमारा लक्ष्य 140 करोड़ देशवासी को भरपेट भोजन उपलब्ध कराना है। हमें कृषि उत्पादन बढ़ाना है और कृषि की लागत भी घटानी है। उन्होंने कहा कि इंटीग्रेडेट फॉर्मिंग से एक एकड़ में 2 लाख तक की आय प्राप्त की जा सकती है। श्री चौहान ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने पूरा वर्ष ही कृषि कल्याण को समर्पित कर दिया है। उन्होंने कहा कि रायसेन को हार्टिकल्चर हब बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। दलहन मिशन के अंतर्गत किसानों को तुअर, मसूर, उड़द, मूंगफली के उत्पादन के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

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