बंगलूरू : भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के चेयरमैन वी नारायणन ने कहा कि अंतरिक्ष में इंसानों को भेजने से पहले इसरो पूरी सावधानी बरत रहा है। उन्होंने बताया कि वास्तविक मिशन से पहले तीन ‘अनक्रूड’ यानी बिना चालक दल वाले मिशनों को अंजाम दिया जाएगा।
इसरो चीफ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से दिए गए निर्देशों के आधार पर हम गगनयान कार्यक्रम पर तेजी से काम कर रहे हैं। इंसानों को अंतरिक्ष में भेजने से पहले हमारा लक्ष्य तीन मानवरहित मिशनों को सफलतापूर्वक पूरा करना है। उन्होंने बताया कि फिलहाल पहले बिना चालक दल वाले मिशन पर काम चल रहा है। अब तक की सभी गतिविधियां योजना के मुताबिक सही दिशा में जा रही हैं। उन्होंने बताया कि लॉन्च व्हीकल यानी, रॉकेट का काम तो महज 20-25 मिनट का होता है लेकिन असली चुनौती उसके बाद शुरू होती है। अगर कोई संचार उपग्रह 15 साल के लिए भेजा गया है, तो मिशन ऑपरेशंस टीम को लगातार 15 साल तक उस पर नजर रखनी होती है। उन्होंने कहा कि मंगलयान मिशन की सफलता के लिए टीम को लगातार 300 दिनों तक मिशन ऑपरेशंस पर काम करना पड़ा था। इंसानों को अंतरिक्ष में भेजने वाले मिशन में यह काम और भी क्रिटिकल हो जाता है क्योंकि यहां मशीन और सॉफ्टवेयर के साथ इंसान की सुरक्षा का तालमेल बिठाना होता है। चेयरमैन नारायणन ने कहा कि गगनयान के लिए रॉकेट की ह्यूमन रेटिंग यानी इंसानों के लिए सुरक्षित बनाना की जा रही है। इसके अलावा ‘क्रू एस्केप सिस्टम’ और ‘एनवायरमेंटल कंट्रोल सेफ्टी सिस्टम’ जैसी नई तकनीकें विकसित की जा रही हैं, जिससे अंतरिक्ष यात्रियों को हर हाल में सुरक्षित रखा जा सके।
अंतरिक्ष में पहले तीन बार खाली जहाज भेजेगा :इसरो चीफ