तेहरान: ईरान ने अमेरिका की तरफ से आए नए सीजफायर प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। ईरान की सरकारी एजेंसी के मुताबिक, तेहरान ने कहा है कि वह अस्थायी युद्धविराम नहीं, बल्कि युद्ध का पूरी तरह और हमेशा के लिए खात्मा चाहता है। ईरान ने अपना जवाब पाकिस्तान के जरिए अमेरिका तक पहुंचाया है, जो इस मामले में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। ईरान के एक सीनियर अधिकारी मोजतबा फर्दौसी पोर ने कहा कि ईरान तभी युद्ध खत्म करने को तैयार होगा, जब यह पक्का भरोसा मिले कि उस पर दोबारा हमला नहीं किया जाएगा।
इधर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को होर्मुज स्ट्रेट खोलने के लिए सोमवार तक की डेडलाइन दी है। ट्रम्प ने चेतावनी दी है कि अगर ऐसा नहीं हुआ, तो अमेरिका ईरान के पावर प्लांट और दूसरे अहम ठिकानों पर हमला कर सकता है। ट्रम्प ने कहा कि ईरान के लोग आजादी चाहते हैं और वहां के हालात ऐसे हैं कि लोग बदलाव देखना चाहते हैं। ट्रम्प ने कहा कि अगर उनके पास मौका होता तो वे ईरान के तेल पर कब्जा कर लेते क्योंकि वह एक बड़ा रिसोर्स है। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि अमेरिका के लोग अब युद्ध से थक चुके हैं और चाहते हैं कि सैनिकों को वापस घर बुलाया जाए ट्रम्प ने कहा कि किसी भी हालत में ईरान को न्यूक्लियर हथियार नहीं बनाने दिया जाएगा। अगर ईरान नहीं माना, तो उसके बड़े-बड़े ठिकानों जैसे पुल, पावर प्लांट और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया जा सकता है। ईरान ने धमकी दी है कि अगर अमेरिका और इजराइल के हमले बढ़े तो वह ग्लोबल सप्लाई चेन को ठप कर देगा। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक ईरान ने कहा है कि वह होर्मुज के अलावा दूसरे समुद्री रास्तों को भी निशाना बना सकता है। ईरानी सुप्रीम लीडर के सलाहकार अली अकबर वेलायती ने कहा कि किसी भी बड़ी कार्रवाई का जवाब सिर्फ सैन्य स्तर पर नहीं, बल्कि वैश्विक ऊर्जा और व्यापार पर असर डालकर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सिर्फ स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ही नहीं, बल्कि बाब-अल-मंदेब जैसे अहम समुद्री रास्ते भी खतरे में आ सकते हैं।
ईरान ने अमेरिका का सीजफायर प्रस्ताव ठुकराया, पूर्ण युद्धविराम के बिना कोई समझौता नहीं :ईरान