गुवाहाटी । केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि असम सरकार द्वारा अवैध प्रवासियों के खिलाफ उठाए गए कदमों को मुस्लिम समुदाय से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने राष्ट्रीय हित का हवाला देते हुए असम में प्रवेश कर चुके बांग्लादेशी नागरिकों को मतदान का अधिकार देने के खिलाफ पार्टी के रुख को दोहराया। गडकरी ने विपक्ष की आलोचना करते हुए कहा कि वे “वोट बैंक की राजनीति” के लिए इस मुद्दे का सांप्रदायिक रंग ले रहे हैं और राष्ट्र के हितों की बजाय अपने राजनीतिक हितों को प्राथमिकता दे रहे हैं।
गडकरी ने कहा कि पूरी दुनिया में अवैध रूप से देश में प्रवेश करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। इसे किसी धर्म से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। मैं असम में रहने वाले मुसलमानों के खिलाफ नहीं हूं। असम में प्रवेश करने वाले बांग्लादेशी नागरिकों को मतदान का अधिकार देना सही नहीं है। हमने यह बात सिर्फ अपने राष्ट्रीय हित में कही है। उन्होंने कहा कि कुछ पार्टियां वोट बैंक की राजनीति के लिए इस मुद्दे का सांप्रदायिक रंग ले रही हैं। राष्ट्रीय हित के मुद्दों का इस्तेमाल अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए करना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि मोदी जी के प्रधानमंत्री बनने के बाद, पूर्वोत्तर क्षेत्र में अवसंरचना विकास पर विशेष ध्यान देने का निर्णय लिया गया था। आज हम अच्छी सडक़ें, ब्रह्मपुत्र पर 11-12 पुल, हवाई अड्डे, जलमार्ग और रेलवे देख सकते हैं। चूंकि लोगों को अपनी आकांक्षाएं पूरी होती दिख रही हैं, इसलिए विकास के प्रति सकारात्मकता और समर्थन है। गडकरी ने कहा आज देश में गैस या ईंधन की कोई कमी नहीं है। उन्होंने स्वीकार किया कि कुछ मुश्किलें जरूर हैं, लेकिन सरकार की बेहतर नीतियों की वजह से आम जनता को किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है। सरकार लगातार हालात पर नजर रखे हुए है ताकि आपूर्ति बनी रहे।
राष्ट्रीय हित के मुद्दों का इस्तेमाल राजनीतिक स्वार्थ के लिए करना सही नहीं : गडकरी