भारत की कूटनीति समझदारी और संतुलन से भरी : आनंद शर्मा

नई दिल्ली। पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा ने कहा कि मौजूदा हालात में भारत को आगे बढक़र ग्लोबल साउथ और अपने रणनीतिक साझेदार देशों को साथ लाना चाहिए, ताकि क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल करने के लिए सामूहिक प्रयास किए जा सकें। उन्होंने कहा कि अमेरिका और इस्राइल द्वारा ईरान पर किए गए हमले और उसके जवाब में ईरान की कार्रवाई के बाद पश्चिम एशिया की स्थिति बहुत गंभीर हो गई है। इससे पूरी दुनिया में अस्थिरता और आर्थिक संकट पैदा हो गया है। भारत सहित वे सभी देश जो कच्चा तेल, गैस और एलपीजी के लिए मध्य-पूर्व और खाड़ी देशों पर निर्भर हैं, एक बड़ी चुनौती का सामना कर रहे हैं। खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य से सप्लाई पर खतरा है। हम इतिहास के सबसे बड़े ऊर्जा संकटों में से एक का सामना कर रहे हैं। यह मुश्किल समय हमारी नीतियों और कूटनीति दोनों की परीक्षा ले रहा है। भारत के खाड़ी देशों के साथ पुराने संबंध हैं और ईरान के साथ सांस्कृतिक रिश्ते भी हैं। इस संकट में भारत की कूटनीति समझदारी और संतुलन से भरी रही है, जिससे बड़े खतरों से बचाव हुआ है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *