मुख्यमंत्री ने छिंदवाड़ा को दी विकास कार्यों की सौगात, हमारा शासनकाल भगवान श्रीराम के राज्य जैसा होना चाहिए : डॉ. यादव

किसानों सहित सभी वर्गों का कल्याण हमारा ध्येय : डॉ. यादव
प्रदेश के श्रमिकों के खातों में संबल योजना के 157 करोड़ रुपये अंतरित
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भगवान श्री हनुमान के बिना तो रामराज्य भी अधूरा सा लगता है। हमारा शासनकाल भगवान श्रीराम के राज्य जैसा होना चाहिए। राज्य सरकार अयोध्या में प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण के बाद अब मध्यप्रदेश के पवित्र चित्रकूट धाम को तीर्थ के रूप में विकसित कर रही है। विरासत को विकास से जोड़ते हुए प्रदेश में श्रीराम गमन पथ का कार्य जारी है। उज्जैन में बाबा महाकाल, जामसांवली श्री हनुमान धाम, सतना की शारदा मैया जैसे अनेक प्रसिद्ध धर्म स्थलों में महत्वपूर्ण तीर्थ होने के नाते सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने छिंदवाड़ा जिले को 500 करोड़ रुपए से अधिक लागत के 105 विकास कार्यों की सौगात दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे लिए सीमा पर जवान और खेतों में किसान, दोनों बराबर हैं। किसानों की समृद्धि में ही प्रदेश की खुशहाली है। इसी ध्येय से किसानों को फसल उत्पादन के साथ-साथ पशुपालन, दूध उत्पादन, मत्स्य पालन, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण से आय दोगुनी करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। यह प्रदेश का स्वर्णिम काल है। डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश औद्योगीकरण और युवाओं को रोजगार से जोडऩे में सबसे आगे है। अन्नदाता की समृद्धि के लिए राज्य सरकार ने वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष घोषित किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश के साथ मध्यप्रदेश भी आगे बढ़ रहा है। गरीब, किसान, महिला और युवा सहित सभी वर्गों का कल्याण राज्य सरकार का संकल्प है। प्रदेश के किसानों को सालभर में 12 हजार रुपए की सम्मान निधि और लाड़ली बहनों को हर महीने 1500 रुपए की सौगात मिल रही है।
श्रद्धालुओं को सुविधाएँ उपलब्ध कराने में नहीं रखी जाएगी कोई कमी
मुख्यमंत्री ने उज्जैन में क्षिप्रा नदी पर निर्माणधीन घाटों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को सुविधाएं उपलब्ध कराने में कोई कमी नहीं रखी जायें। डॉ. यादव ने श्री अंगारेश्वर और श्री सिद्धवट के मध्य क्षिप्रा नदी पर बन रहे नए घाटों का अवलोकन भी किया। ये घाट आगामी सिंहस्थ महापर्व-2028 को ध्यान में रखते हुए श्रद्धालुओं के स्नान और अन्य सुविधाओं के लिए तैयार किए जा रहे हैं। घाटों पर श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए विभिन्न व्यवस्थाएं की जा रही हैं। डॉ. यादव ने नवनिर्मित घाटों के लगभग 200 मीटर क्षेत्र में श्रद्धालुओं के लिए वस्त्र बदलने की व्यवस्था तथा सुविधाजनक स्थानों पर टॉयलेट बनाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रमुख घाटों पर लगभग 200 मीटर की दूरी पर सुविधा घर विकसित करने के निर्देश भी दिए, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। डॉ. यादव ने घाटों के आसपास श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए लगभग 500 मीटर की दूरी पर सीढिय़ाँ या अन्य पहुँच मार्ग सुनिश्चित करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए, जिससे मुख्य घाटों तक पहुंचना आसान हो सके। डॉ. यादव ने श्री सिद्धवट और श्री अंगारेश्वर मंदिर के बीच निर्माणाधीन पुल का भी निरीक्षण किया। डॉ. यादव ने घाटों पर श्रद्धालुओं के बैठने सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं भी विकसित करने के निर्देश दिए।

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