कलेक्टर सीधी और गुना एसपी को हटाने के दिये निर्देश
जिला सहकारी बैंक के महाप्रबंधक को किया निलंबित
लापरवाह अधिकारियों को फील्ड पोस्टिंग का अधिकार नहीं
सीधी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव औचक निरीक्षण में सीधी पहुंचे। मुख्यमंत्री ने कमरे के बाहर खड़े कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी और शैलेंद्र सिंह जिला पंचायत सीईओ को बुलाकर दिशा-निर्देश भी दिए। कलेक्ट्रेट निर्माण कार्य में हो रही देरी को लेकर सीएम ने कलेक्टर को फटकार लगाई है। मुख्यमंत्री ने कड़े लहजे में स्पष्ट किया है कि अधिकारी मैदान में रहकर कार्य करें, यह उनकी जिम्मेदारी होती है।
मुख्यमंत्री ने ऐसे अधिकारी जो मैदान में रहकर काम नहीं करना चाहते, उन्हें वल्लभ भवन में रहना चाहिए। डॉ. यादव ने प्राप्त शिकायतों के दृष्टिगत सीधी कलेक्टर स्वरोचित सोमवंशी को तत्काल प्रभाव से हटाने और जिला सहकारी बैंक के महाप्रबधंक पी.एस. धनवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिये। डॉ. यादव ने गुना जिले में तलाशी के दौरान मिली नगद राशि में हेरफेर के मामले में पुलिस अधीक्षक गुना अंकित सोनी की भूमिका को यथोचित न मानते हुए पुलिस अधीक्षक पद से हटाने के निर्देश भी दिये। डॉ. यादव ने कहा कि नागरिकों से प्राप्त शिकायतों के संदर्भ में शासन स्तर पर आवश्यक कदम भी उठाये जायेंगे। प्रदेश में सुशासन की व्यवस्था के चलते अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा की गई लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जायेगी। उन्होंने कहा कि जनकल्याण राज्य सरकार की प्राथमिकता है। आमजन की समस्याओं के निराकरण के लिये प्रदेश में अभियान के साथ शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में शिविर भी आयोजित किये जाते हैं। अधिकारी-कर्मचारियों को यह संदेश देना चाहता हूँ कि यदि वे फील्ड में रहकर आमजन की समस्याओं का निराकरण नहीं कर सकते तो उन्हें फील्ड में रहने का कोई अधिकार नहीं है। डॉ. यादव ने जनसंवाद के दौरान नागरिकों की समस्याएं सुनी और उनके त्वरित और प्रभावी निराकरण के लिये अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा है कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ समयबद्ध और पारदर्शिता के साथ पहुँचे। उन्होंने मैदानी अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे संवेदनशीलता, जवाबदेही और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें। किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदाशीनता को गंभीरता से लिया जाकर कठोर एवं प्रभावी कार्रवाई की जायेगी। मुख्यमंत्री ने सीधी में निर्माणाधीन कलेक्ट्रेट भवन की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कलेक्ट्रेट भवन निर्माण में तेजी लाते हुये निर्धारित समय सीमा में गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण किया जाये।
अधिकारियों की जवाबदेही उनकी नियुक्ति के साथ ही तय हो जाती है
मुख्यमंत्री ने जिला मुख्यालय पहुंचकर विभिन्न विभागों की समीक्षा की और कहा कि दौरे के दौरान उन्हें कई प्रकार की शिकायतें प्राप्त हुई हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अधिकारियों की जवाबदेही उनकी नियुक्ति के साथ ही तय हो जाती है और यदि मैदानी स्तर पर शिकायतें मिलती हैं तो ऐसे अधिकारियों को मैदान में रखने के बजाय वल्लभ भवन बैठाना ज्यादा उचित है। उन्होंने कहा कि आज के दौरे का परिणाम देर रात तक सामने आ जाएगा और प्रशासनिक व्यवस्था में आवश्यक बदलाव किए जाएंगे।
विकास मिश्रा को सीधी का कलेक्टर बनाया गया
सामान्य प्रशासन विभाग ने वर्तमान में मुख्यमंत्री के अपर सचिव तथा आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के आयुक्त के रूप में कार्यरत विकास मिश्रा को अब सीधी जिले का नया कलेक्टर बनाया गया है। सीधी जिले के वर्तमान कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी का तबादला भोपाल कर दिया गया है। वे अब आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग में आयुक्त के साथ-साथ राज्य सांख्यिकी आयोग के सचिव और मध्य प्रदेश शासन के अपर सचिव की जिम्मेदारी संभालेंगे।मध्य प्रदेश शासन के गृह विभाग ने सेनानी 15वीं वाहिनी विसबल इंदौर में कार्यरत हितिका वसल को अब गुना जिले का नया पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया है। यह आदेश मध्य प्रदेश के राज्यपाल के नाम से गृह विभाग के सचिव अभिषेक सिंह द्वारा जारी किया गया है।
प्रशासनिक अफसरों को मुख्यमंत्री का अल्टीमेटम, काम नहीं करना तो वल्लभ भवन बैठें