अयोध्या : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राम मंदिर परिसर में श्री राम यंत्र की विधि-विधान से स्थापना की। द्रौपदी मुर्मू ने पवित्र श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के कई महत्वपूर्ण आयोजनों को भारत के इतिहास और संस्कृति की “स्वर्णिम तिथियां” बताया। उन्होंने जोर देकर कहा “श्रीराम को नमन करना और भारत मां का वंदन हमारे लिए एक जैसा ही है।”
राष्ट्रपति ने अयोध्या नगरी को प्रभु श्रीराम की जन्मभूमि बताते हुए उसकी पवित्र धूलि का स्पर्श प्राप्त करने को अपना “परम सौभाग्य” माना। उन्होंने स्मरण किया कि स्वयं प्रभु श्रीराम ने इस पावन जन्मभूमि को स्वर्ग से भी श्रेष्ठ बताया था। मुर्मू ने कहा कि भारत का पुनर्जागरण आर्थिक, सामाजिक, राजनैतिक और सांस्कृतिक, इन सभी आयामों पर स्पष्ट रूप से परिलक्षित हो रहा है। राष्?ट्रपति ने कहा कि देव-भक्ति और देश-भक्ति, दोनों का मार्ग एक ही है। उनका मानना था कि राम-राज्य के आदर्शों पर चलते हुए ही हम नैतिकता और धर्माचरण पर आधारित एक सुदृढ़ राष्ट्र का निर्माण कर पाने में सक्षम होंगे। राष्ट्रपति ने विश्वास जताया कि प्रभु श्रीराम के आशीर्वाद से भारत वर्ष 2047 तक, या शायद उससे भी पहले उन सभी राष्ट्रीय लक्ष्यों को सफलतापूर्वक प्राप्त कर लेगा।
भारत की आस्था को अंधविश्वास के नाम पर अपमानित किया जाता था : योगी
अयोध्या उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत की आस्था को अंधविश्वास के नाम पर अपमानित किया जाता था, लेकिन वर्षों के कष्टों के बावजूद, लोगों की भक्ति कभी नहीं डगमगाई और न ही झुकी। योगी ने कहा कि वह आस्था जिसे पहले अंधविश्वास कहकर अपमानित किया गया था। इसका अपमान करने वाले वही लोग थे जो उत्तर प्रदेश या देश में सत्ता में थे। अब हम सभी गर्व महसूस कर सकते हैं। इस भक्ति ने वर्षों-वर्ष कष्ट सहे हैं, लेकिन कभी नहीं डगमगाई और न ही झुकी। उन्होंने आगे कहा कि राम जन्मभूमि मंदिर केवल एक मंदिर नहीं है, बल्कि यह भारत के राष्ट्रीय मंदिर का प्रतीक बन गया है। योगी आदित्यनाथ ने नई पीढ़ी की देवी-देवताओं के प्रति श्रद्धा की सराहना करते हुए कहा कि यह नया भारत है और बदलता हुआ भारत है। नई पीढ़ी सही राह पर है। वे नव वर्ष मनाने के लिए मंदिरों में जाते हैं, न कि किसी पर्यटन स्थल पर।
श्रीराम को नमन करना और भारत मां का वंदन एक समान : राष्ट्रपति, राष्ट्रपति ने राम मंदिर परिसर में श्री राम यंत्र की स्थापना की