नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने घोषणा की कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आए 200 शरणार्थियों को नागरिकता संशोधन अधिनियम के तहत नागरिकता प्रदान की गई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हिंदू शरणार्थियों को भारत में उतना ही अधिकार है जितना प्रधानमंत्री को। जन-जन की सरकार चार साल बेमिसाल कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि आज पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आए लगभग 200 लोगों को नागरिकता दी गई है। जब मैंने सीएए कानून लाया था, तब कांग्रेस, सपा, बसपा, ममता बनर्जी और डीएमके समेत कई लोगों ने इसका विरोध किया था।
अमित शाह ने कहा कि तुष्टीकरण की राजनीति ने पहले शरणार्थियों को उनके अधिकारों से वंचित रखा था। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को विशेष रूप से चुनौती देते हुए कहा कि सरकार विरोध प्रदर्शनों की परवाह किए बिना नागरिकता प्रदान करने की प्रक्रिया जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि राहुल बाबा, आप चाहे जितना भी विरोध करें, हम ऐसे लोगों को नागरिकता प्रदान करेंगे। गृह मंत्री ने जोर दिया कि भारतीय न्याय संहिता के पक्ष में पुराने कानूनों को निरस्त कर दिया गया है। उन्होंने घोषणा की कि वर्ष 2028 तक सभी कानूनों का पूर्णत: कार्यान्वयन हो जाएगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की संस्कृति को बचाने के लिए यहां के युवाओं ने लड़ाई लड़ी। उस समय कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने राज्य के युवाओं का दमन किया। तत्कालीन भाजपा मंत्रियों और प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने उत्तराखंड के निर्माण के लिए काम किया। अमित शाह ने कहा कि 2026 में पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में भाजपा-एनडीए की सरकार बनेगी। शाह ने भरोसा जताते हुए कहा कि पार्टी दोनों राज्यों में अपनी पकड़ मजबूत कर रही है और जनता बदलाव चाहती है। गृहमंत्री ने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में उत्तराखंड में भाजपा लगातार तीसरी बार सरकार बनाएगी। शाह ने कहा ‘केंद्र और राज्य सरकार की विकास योजनाओं के कारण लोगों का भरोसा भाजपा पर बढ़ा है। डबल इंजन की सरकार में भ्रष्टाचार की कोई जगह नहीं है।
हिंदू शरणार्थियों को भारत में उतना ही अधिकार जितना प्रधानमंत्री को :अमित शाह