नई दिल्ली: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के बंगाल दौरे पर प्रेसिडेंट प्रोटोकॉल का पालन न करने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह शर्मनाक है। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। हर कोई जो डेमोक्रेसी और आदिवासी समुदायों के एम्पावरमेंट में विश्वास करता है, निराश है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू खुद आदिवासी समुदाय से हैं। उन्होंने जो दर्द और पीड़ा ज़ाहिर की है उससे भारत के लोगों के मन में बहुत दुख है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल की टीएमसी सरकार ने सच में सारी हदें पार कर दी हैं। राष्ट्रपति के इस अपमान के लिए ममता बनर्जी का प्रशासन जि़म्मेदार है। यह भी उतना ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि संथाल कल्चर जैसे ज़रूरी विषय के साथ पश्चिम बंगाल सरकार इतनी लापरवाही से पेश आती है। राष्ट्रपति का पद राजनीति से ऊपर है और इस पद की पवित्रता का हमेशा सम्मान किया जाना चाहिए। उम्मीद है कि पश्चिम बंगाल सरकार और टीएमसी में समझदारी आएगी।
किसी वजह से ममता बनर्जी मुझसे नाराज़ होंगी :राष्ट्रपति
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू नॉर्थ बंगाल के सिलीगुड़ी में 9वें इंटरनेशनल संथाल कॉन्फ्रेंस में शामिल होने पहुंची थीं। पश्चिम बंगाल की चीफ मिनिस्टर ममता बनर्जी और एडमिनिस्ट्रेशन की लापरवाही पर अपनी नाराजग़ी ज़ाहिर करते हुए प्रेसिडेंट द्रौपदी मुर्मू ने कार्यक्रम के बाद कहा “यहां संथालों को कौन रोकने की कोशिश कर रहा है? द्रौपदी मुर्मू ने कहा “लगता है किसी वजह से ममता बनर्जी मुझसे नाराज़ होंगी। लेकिन वह मेरी छोटी बहन हैं।” मुर्मू ने कहा कि अगर अंतरराष्ट्रीय संथाल कॉन्फ्रेंस का आयोजन इस बड़े मैदान में किया जाता तो करीब पांच लाख लोग इसमें शामिल हो सकते थे। उन्होंने सवाल उठाया कि जब इतना बड़ा मैदान उपलब्ध था तो फिर कॉन्फ्रेंस के लिए इतनी छोटी जगह क्यों तय की गई। उन्होंने ये भी कहा कि राज्यपाल तो नहीं आ सकते थे, लेकिन कार्यक्रम में सीएम को आना चाहिए था।
राष्ट्रपति भाजपा की राजनीतिक चालों में फंस गईं
सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि राष्ट्रपति जब भी राज्य में आती या जाती हैं उन्हें सूचित किया जाता है लेकिन संबंधित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन से राज्य सरकार का कोई सरोकार नहीं था और न ही उन्हें जानकारी थी। उन्होंने कहा “मुझे यह कहते हुए शर्म आ रही है कि राष्ट्रपति को भाजपा के एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए भेजा गया है।”बनर्जी ने आरोप लगाया कि राष्ट्रपति भाजपा की राजनीतिक चालों में फंस गई हैं। उन्होंने अपनी और भाजपा की प्राथमिकताओं में अंतर बताते हुए कहा कि जहाँ भाजपा की प्राथमिकता राजनीति है, वहीं उनकी प्राथमिकता जनता का हित है।
बंगाल की टीएमसी सरकार ने सच में सारी हदें पार कर दी : मोदी