विंध्य भारत, रीवा
उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल के प्रयासों से रीवा सुपर स्पेशलिटी अस्पताल को बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। अस्पताल में डीएम कॉर्डियोलॉजी के लिए चार सीटों की स्वीकृति हो गई है। अब यहाँ इस वर्ष से डीएम कॉर्डियोलॉजी की पढ़ाई होगी। सुपर स्पेशलिटी हास्पिटल में आयोजित बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा एवं हृदय रोग उपचार के क्षेत्र में रीवा के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि प्राप्त हुई है। शासकीय मेडिकल कॉलेज एवं संबद्ध सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालए रीवा को शैक्षणिक सत्र 2025.26 से डीएम कार्डियोलॉजीद्ध पाठ्यक्रम प्रारम्भ करने की अनुमति प्राप्त हो गई है। संस्थान को कुल चार डीएम कार्डियोलॉजी सीटों की स्वीकृति मिली है। हाल ही में घोषित नीट एसएस 2025.26 के परिणाम के पश्चात अब चयनित विद्यार्थी रीवा में प्रवेश लेकर सुपर.स्पेशियलिटी स्तर की हृदय रोग शिक्षा प्राप्त करेंगे। इससे न केवल विंध्य क्षेत्र बल्कि पूरे मध्यप्रदेश में उन्नत कार्डियोलॉजी सेवाओं और विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ेगी। डीएम कार्डियोलॉजी पाठ्यक्रम प्रारम्भ होने से रीवा मेडिकल कॉलेज अब सुपर.स्पेशियलिटी चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में एक नए आयाम की ओर अग्रसर होगा तथा क्षेत्रीय मरीजों को अत्याधुनिक हृदय उपचार स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेगा। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए सतत प्रयास किया गया। साथ ही मेडिकल कॉलेज प्रशासनए अधिष्ठाता तथा कार्डियोलॉजी विभाग के समस्त फैकल्टी सदस्यों के निरंतर शैक्षणिक एवं संस्थागत प्रयासों से यह लक्ष्य संभव हो सका है। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि सुपर स्पेशलिटी अस्पताल से मरीजों को अन्यत्र रेफर न किए जाने के प्रयास होंए बल्कि बाहर के मरीज भी यहाँ इलाज के लिए आएं।
सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में आयोजित बैठक में उप मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अस्पताल विन्ध्य क्षेत्र के लिए वरदान साबित हुआ है। यहाँ के चिकित्सकों व चिकित्सकीय स्टाफ द्वारा पूरी लगन व मेहनत से मरीजों का इलाज किया जा रहा है। प्रदेश भर में इस अस्पताल द्वारा किए गए चिकित्सा इलाज की चर्चा है। यह अस्पताल प्रदेश के अन्य सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों की तुलना में सबसे ज्यादा मरीजों को इलाज की सुविधा देने वाला अस्पताल बना है। अब इस अस्पताल में डीएम कॉर्डियोलॉजी के पद स्वीकृत हुए हैं। शीघ्र ही यहाँ अन्य विभागों में एमसीएच की सीटें भी स्वीकृत होंगी। श्री शुक्ल ने बैठक में अस्पताल की व्यवस्थाओं तथा कार्यरत चिकित्सकों की पदोन्नति व उनको मिलने वाले इंसेन्टिव के विषय में भी जानकारी ली। उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि नियत समयावधि पूर्ण करने पर चिकित्सकों को अगले पद पर तत्काल पदोन्नति दें। उन्होंने चिकित्सकों व स्टाफ से अपेक्षा की कि इसी तरह मनोयोग से मरीजों का इलाज करते रहें।
इस अवसर पर बताया गया कि सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में वर्ष 2020 में 155ए वर्ष 2021 में 1749ए वर्ष 2022 में 2501ए वर्ष 2023 में 2846ए वर्ष 2024 में 2254 एवं वर्ष 2025 में 2327 एंजियोग्राफी की गईं। जबकि वर्ष 2020 में 80ए वर्ष 2021 में 832ए वर्ष 2022 में 1595ए वर्ष 2023 में 1685ए वर्ष 2024 में 1500 व 2025 में 1371 मरीजों की एंजियोप्लास्टी की गई। सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में अब तक 29 मरीजों की ओपेन हार्ट सर्जरी की जा चुकी है। इसी प्रकार अस्पताल में 8 मरीजों की किडनी ट्रांसप्लांट की गई। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नीता कोलए विधायक प्रतिनिधि राजेश पाण्डेयए डॉण् मनोज इंदुलकरए अधीक्षक संजय गांधी डॉण् राहुल मिश्राए अधीक्षक सुपर स्पेशलिटी डॉण् अक्षय श्रीवास्तवए डॉण् व्हीडी त्रिपाठीए डॉण् अवनीश शुक्ला सहित विभिन्न विभागों के चिकित्सक उपस्थित रहे।