विंध्य भारत, रीवा
अनुरक्षण घोटाले एवं अनुरक्षण मद से 35 लख रुपए के फर्जी भुगतान के मामले में डी ई ओ सहित एडीपीसी,ए पी सी एवं लेखा अधिकारी कोषालय सहित दो प्राचार्य पर कार्यवाही की तलवार लटक रही है। गौतलब है कि अनुरक्षण मद से बिना काम हुए ठेकेदार सत्यव्रत तिवारी को 35 लख रुपए के फर्जी भुगतान की शिकायत कमिश्नर से की गई थी।जिसे सबसे पहले एम के एन न्यूज ने उजागर किया था। मामला मीडिया की सुर्खियां बनने के बाद कमिश्नर ने जे डी को जांच के निर्देश दिए थे। इसके बाद जे डी की तीन सदस्यीय जांच समिति ने एक-एक को तलब कर उनके बयान लिए तथा मौके पर जाकर कराए गए कार्य का भौतिक सत्यापन कराया गया था। जिसमें पाया गया था कि बिना काम कराए 6 विद्यालयों के बदले ठेकेदार को 28 लाख से अधिक रुपए का भुगतान किया गया था। वही उत्कृष्ट विद्यालय मार्तंड क्रमांक 1 के लिए आए ? पांच लाख का भी फर्जी भुगतान अन्य विद्यालय को कर दिया गया था। जबकि मार्तंड उत्कृष्ट विद्यालय , कन्या खटखरी , बढ़इया सहित चार प्राचार्यों ने जेडी की जांच समिति के समक्ष लिखित में दिया था कि उनके यहां ना कोई कार्य कराया गया है , ना ही उनके द्वारा कार्य का प्रमाणीकरण किया गया है, ना ही भुगतान की अनुशंसा की गई है।
जांच के बाद पाया गया कि एडीपीसी नवीन श्रीवास्तव एवं ए पी सी सुधाकर तिवारी ने तीन प्राचार्यों खैरा, दुआरी एवं गुढ़ प्राचार्य से मिलकर कूट रचित फर्जी दस्तावेज तैयार कर बिना काम किए ठेकेदार को भुगतान किया गया और लाखों की राशि का बंदरबांट कर लिया गया। जेडी ने जांच प्रतिवेदन अनुशंसा सहित कमिश्नर को भेजा था, जिसके बाद कमिश्नर रीवा संभाग ने डी ई ओ रामराज मिश्रा, एडीपीसी नवीन श्रीवास्तव, ए पी सी सुधाकर तिवारी, लेखा अधिकारी पुष्पा पुशाम एवं गुढ़ तथा खैर प्राचार्य को अनुशासनात्मक कार्यवाही का नोटिस भेज कर 3 दिन में स्पष्टीकरण मांगा है । दुआरी प्राचार्य के सेवानिवृत्त हो जाने के कारण अलग से नोटिस जारी किए जाने की संभावना है। जारी नोटिस में ए डी पी सी नवीन श्रीवास्तव एवं ए पी सी सुधाकर तिवारी को कूट रचित दस्तावेज तैयार कर फर्जी भुगतान करने पर जवाब मांगा गया है। वहीं डी ई ओ रामराज मिश्रा को फर्जी भुगतान के साथ-साथ जांच में असहयोग करने पर नोटिस जारी हुआ है। इसके बाद उम्मीद लगाई जा रही है की जवाब देने के बाद सभी पर निलंबन की गाज गिर सकती है। साथ ही उन पर एफ आई आर भी दर्ज कराई जा सकती है। कयासों का बाजार गर्म है और नए डी ई ओ के लिए अटकलें लगाई जाने लगी हैं।
आधा दर्जन प्राचार्यों के नाम चर्चा में इस बीच नए डी ई ओ को लेकर भी चर्चा का बाजार गर्म हो गया है एवं अटकलें लगाई जाने लगी हैं। जो नाम चर्चा में है उनमें सहायक संचालक राजेश मिश्रा ,उत्कृष्ट प्राचार्य जे पी जायसवाल,मिथिलेश सिंह गहरवार, डॉ पी एल मिश्रा,सहायक संचालक आकांक्षा सोनी, सहित राम लल्लू दीपांकर का नाम भी चर्चा में है। किंतु तीन जिला शिक्षा अधिकारियों के साथ योजना अधिकारी एवं सहायक संचालक का दायित्व निभा चुके अनुभवी प्राचार्य राजेश मिश्रा का नाम दौड़ में सबसे आगे बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि लम्बे प्रशासनिक अनुभव, मृदुभाषी ,मिलनसारिता,सब को साथ लेकर चलने की विशेषता के कारण प्रशासन उन पर विश्वास जाता सकता है। राजेश मिश्रा लंबे समय तक विभाग में अपनी सेवाएं दे चुके हैं तथा वह एक कुशल तथा भौतिक शास्त्र के विद्वान व्याख्याता रहे हैं। साथ ही उनकी छवि भी निर्विवाद रही है,अनुकम्पा घोटाले से भी उन्हें क्लीन चिट मिल चुकी है तथा वे विभाग में अजात शत्रु माने जाते हैं। जिस कारण जिला शिक्षा अधिकारी की कुर्सी की दौड़ में सबसे आगे माने जा रहे हैं।संभावना जताई जा रही है की रामराज के जाने के बाद जल्द ही राजेश मिश्रा रीवा के नए जिला शिक्षा अधिकारी हो सकते हैं।