नई दिल्ली : केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राज्यों को केंद्र से उनकी कर हिस्सेदारी का हस्तांतरण नहीं होने संबंधी कुछ विपक्षी सांसदों के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सरकार ने केंद्र के विभाज्य पूल में से किसी राज्य का हिस्सा नहीं घटाया है. सीतारमण ने कहा कि सरकार ने बजट में पांच मेडिकल क्लस्टर, पांच मेगा औद्योगिक पार्क, बुजुर्ग देखभाल के लिए पेशेवरों को तैयार करने जैसी कई घोषणाएं की हैं जिनसे लाखों रोजगारों का सृजन होगा. सीतारमण ने कहा हम पर आरोप लगता है कि हम राज्यों की 41 प्रतिशत कर हिस्सेदारी का हस्तांतरण नहीं करते. मैं सदन के माध्यम से आश्वासन देती हूं कि हमने केंद्र के विभाज्य पूल में से किसी राज्य का हिस्सा नहीं घटाया है.
वित्त मंत्री ने कहा कि संविधान ने केंद्र को उपकर और अधिशेष लगाने का अधिकार दिया है और विभाज्य पूल में वह शामिल नहीं होता है, इसलिए राज्यों की कुल कर हिस्सेदारी की बात करते समय उपकर और अधिशेष संबंधी आरोप अनुचित हैं. उन्होंने कहा कि केंद्र जो उपकर वसूलता है उसमें से भी राज्यों को अस्पताल, स्कूल और सडक़ आदि के निर्माण के लिए सहायता देता है.सीतारमण ने कहा कि यह बजट इस सदी के दूसरे चतुर्थांश के पहले साल का बजट है और इसमें 2026 से लेकर 2050 तक के कई सारे विषयों को समाहित किया गया है और दीर्घकालिक निवेश की कई योजनाओं की घोषणा की गई है. उन्होंने कहा कि सरकार ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों पर विशेष ध्यान देते हुए बजट में स्पष्ट घोषणा की है कि जिन मध्यम उद्योगों की निर्यात बढ़ाने की क्षमता है, उन्हें और मदद दी जाएगी. वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार की पांच क्षेत्रीय मेडिकल हब बनाने की योजना है जहां चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं, सहायक सुविधाएं एक ही जगह होंगी और इसके लिए किसी राज्य के नाम की घोषणा नहीं की गई है, बल्कि कोई भी राज्य इसके लिए पहल कर सकता है. उन्होंने कहा कि इससे देश मेडिकल टूरिज्म हब बनेगा. सीतारमण ने कहा कि सरकार मेगा टेक्सटाइल पार्क के लिए भी राज्यों के साथ काम करना चाहती है और इन सारी योजनाओं से युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे. उन्होंने कहा कि बुजुर्गों की देखभाल के लिए 1.5 लाख युवाओं को इसी साल प्रशिक्षित करने की योजना है जो योग आदि में कुशल होंगे.
यत्र तत्र सर्वत्र