विंध्यभारत, रीवा
खाद के लिए कतार में लगे किसानों के बीच अव्यवस्थाओं के चलते झड़प हुई। किसानों का आरोप है कि कंप्यूटर से पर्ची निकालने के बाद हाथों से बोरियों की मात्रा लिखी जा रही है। प्रशासनिक अधिकारियों की गैर मौजूदगी में अधिकारी और कर्मचारी खाद की बंदरबांट कर रहे हैं।
दरअसल, जिलेभर में खाद को लेकर मचे हाहाकार के दौरान करहिया मंडी परिसर में व्याप्त अव्यवस्थाओं के बीच शुक्रवार की सुबह किसानों के बीच झड़प की स्थिति निर्मित हो गई। इस दौरान हजारों किसानों की मौजूदगी के बीच लगे चंद पुलिसकर्मियों ने स्थिति को संभालने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें भी लगभग 40 मिनट बाद सफलता मिल पाई। इस दौरान मंडी परिसर में मौजूद किसानों ने जिला प्रशासन द्वारा किए गए व्यवस्थाओं के दावे को लेकर कई सवाल खड़े किए। किसानों का आरोप था कि वे सुबह 3:00 बजे से लाइन में लगे हैं, लेकिन ना ही परिसर में ठंड से बचने के लिए अलाव की व्यवस्था है और ना ही शौचालय की। ऐसे में कतार में लगे किसानों को लाइन से निकलकर दूर और एकांत वाली जगह में फ्रेश होने के लिए जाना पड़ता है और जब वह लौटकर आते हैं तो उन्हें वापस लाइन में लगने नहीं दिया जाता, जिसके चलते कई बार विवाद की स्थिति निर्मित हो जाती है। किसानों का आरोप है कि ऑफिस में मौजूद कंप्यूटर ऑपरेटर कंप्यूटर के पर्ची निकालने के बाद पर्ची में हाथों से लिखकर खाद की मात्रा देते हैं। जब खाद की मात्रा कंप्यूटर जनित पर्ची में दर्ज की जाती है तो उसे किसानों के सामने ही दर्ज क्यों नहीं किया जाता है। किसानों का कहना है कि जब एक बार में किसान को पांच बोरी खाद देने का प्रावधान है तो यहां का प्रशासनिक अमला एक-दो बोरी खाद देकर किसानों को बार-बार लाइन में लगने को मजबूर कर रहा है। आरोप है कि अधिकारी मंडी में पहुंचकर टोकन का वितरण करते हैं और उसके बाद मौके से गायब हो जाते हैं। जिसके चलते परिसर में अव्यवस्थाओं का अंबार लगा है।