विंध्य भारत, रीवा
शहर में इन दिनों बदमाशों और असामाजिक तत्वों के हौसले बुलंद हैं। चोरहटा थाना क्षेत्र अंतर्गत शांति विलास कॉलोनी गेट के पास देर रात बाईपास निर्माण से जुड़े एक ठेकेदार और उसके साथियों ने दो किसानों पर जानलेवा हमला कर दिया। किटवारिया निवासी सच्चू तिवारी और रघु तिवारी, जो पेशे से किसान हैं,जिन्हें बीच सडक़ दौड़ा-दौड़ाकर मारा गया। आरोप है कि कई गाडिय़ों से पहुंचे लोगों ने पहले पीछा किया, फिर सच्चू तिवारी को अर्धनग्न कर लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा।
मामला शुक्रवार रात का है। इसका वीडियो और सीसीटीवी फुटेज रविवार दोपहर सामने आया, जिसमें खुलेआम गुंडागर्दी होती साफ दिखाई दे रही है। घायल के भाई रविंद्र तिवारी ने बताया कि उनके खेत के पास बाईपास निर्माण का कार्य चल रहा था। इसी दौरान निर्माण कार्य में लगे लोगों ने खेत में लगी पाइप तोड़ दी। जब किसान भाइयों ने नुकसान की भरपाई की बात कही, तो समझौते के नाम पर उन्हें शांति विलास कॉलोनी बुलाया गया। आरोप है कि वहां पहले से मौजूद प्रोजेक्ट मैनेजर, आरिफ और अन्य कर्मचारी व गुंडों ने अचानक लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इस हमले में दोनों सगे भाई गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें रीवा के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पीडि़त पक्ष का आरोप है कि घटना के बाद आज सुबह वे शिकायत दर्ज कराने चोरहटा थाने पहुंचे, लेकिन करीब तीन घंटे तक बैठाए जाने के बावजूद पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की। इसके बाद मजबूरन वे एसपी कार्यालय पहुंचे और पूरे मामले की शिकायत की।
उधर चोरहटा थाना प्रभारी आशीष मिश्रा ने बताया कि मामले की पड़ताल लगातार जारी है। पीडि़त पक्ष गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कराना चाहता है, लेकिन मेडिकल रिपोर्ट के बिना गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज करना संभव नहीं है।
घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। खुलेआम बीच सडक़ किसानों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटने की इस घटना और सामने आए वीडियो ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या पुलिस आरोपियों पर सख्त कार्रवाई करेगी या फिर प्रभावशाली लोगों को बचाने का प्रयास किया जाएगा।