विंध्य भारत, रीवा
गत दिवस प्रगति मैदान दिल्ली में लगे विश्व पुस्तक मेले में विन्ध्य के वरिष्ठ रचनाकार रामनरेश तिवारी निष्ठुर की दो पुस्तकों ‘‘निष्ठुर रचना भाग-1 एवं भाग-2’’ का लोकार्पण देश के नौसेना अध्यक्ष दिनेश कुमार त्रिपाठी ने जयपुर के वोधि प्रकाशन के स्टाल नम्बर के-14 में किया। इस अवसर पर रामनरेश तिवारी ने नौसेना अध्यक्ष का गुलदस्ता एवं शाल श्रीफल से स्वागत किया। नौसेना अध्यक्ष दिनेश कुमार त्रिपाठी ने रचनाकार रामनरेश तिवारी को सेना का विशाल वेशकीमती प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर प्रकाशक माया मृग जयपुर ने भी मुख्य अतिथि का पुष्पहार से स्वागत किया। इस सारस्वत कार्यक्रम का संचालन गांधीवादी चिंतक, विचारक एवं प्रख्यात पत्रकार संतोष कुमार द्विवेदी ने किया। मुख्य अतिथि ने अपने उद्बोधन में कहा कि हर व्यक्ति को पुस्तक पढऩा चाहिये क्योकि जो नहीं पढ़ते और जो नहीं पढ़े हुए हैं फिर उन दोनो में कोई अंतर नहीं रह जाता है। साहित्य इंसान बनने की प्रक्रिया में सहायक होता है। इस विशेष उत्सव में रीवा से मुख्य अतिथि एवं रचनाकार के अलावा डॉ.प्रवेश तिवारी, कवियत्री सीमा रानी झा, डॉ.सान्त्वना श्रीकांत व अन्य रीवा वासी उपस्थित रहे , वहीं सीधी से संतोष कुमार तिवारी, शहडोल ब्योहारी से कवयित्री विभूति तिवारी एवं दीपक तिवारी, जबलपुर से विवेक चतुर्वेदी, गज़ल कारा इंदू श्रीवास्तव, भोपाल से सी.ई.ओ. देवेश मिश्रा, प्रोफेसर मणिमोहन, दौलतराम प्रजापति, वरिष्ठ रचनाकार एवं संपादक ए अस्फल, अशोक नगर से भानू प्रकाश रघुवंशी, हर गोविन्दपुरी कटनी से राजा अवस्थी, महाराष्ट्र लातूर से विशाल अंधारी, दिल्ली से सपना सौकीन तथा देश के अन्य भागों से भी सैकड़ो साहित्यकार इस कार्यक्रम के साक्षी बने। सबसे बड़ी रेखांकित करने वाली बात यह रही विन्ध्य के कई लेखकों एवं कवियों की पुस्तकों का विमोचन उन पर चर्चा और स्टाल में विभिन्न प्रकाशनों में चमकती हुई उनकी पुस्तकें दिखाई दीं।