विंध्यभारत, रीवा
जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी की स्थापना को लेकर आज शुक्रवार को एक बार फिर प्रशासन उलझन में फंस गया है। अभी 4 दिन पहले ही डॉक्टर यत्नेश त्रिपाठी की पदस्थापना मुख्य जिला चिकित्सा अधिकारी के रूप में की गई थी। उच्च न्यायालय जबलपुर में दायर की गई याचिका में फिलहाल स्थगन आदेश पारित कर दिया गया है। साथ ही 9 फरवरी के पूर्व मामले का निराकरण करने के निर्देश दिए गए। अगली सुनवाई भी 9 फरवरी को होगी। इस संबंध में हमारे सूत्रों ने बताया है कि मुख्य जिला चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में डॉक्टर आरबी चौधरी सीनियर डी एच ओ के पद पर पदस्थ हैं। उनका रिटायरमेंट भी अप्रैल माह में होना बताया गया है। वह इस समय रीवा जिले में पदस्थ चिकित्सकों में से सबसे सीनियर भी थे, लेकिन मध्य प्रदेश शासन स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आदेश में सीनियरिटी को दरकिनार करते हुए डॉक्टर यत्नेश त्रिपाठी को सीएमएचओ के पद पर पदस्थ कर दिया गया था। जिसको लेकर रब चौधरी काफी व्यथित थे और उन्होंने माननीय उच्च न्यायालय के समक्ष अपनी पीड़ा व्यक्त की, साथ ही अभ्यावेदन में उन्होंने कहा कि यहां पर मनमानी की जा रही है तथा सीनियरिटी को ध्यान में नहीं रखा गया, साथ ही यह पदस्थापना पूरी तरह से गलत है। उच्च न्यायालय जबलपुर ने भी मामले की गंभीरता को समझा और फिलहाल राज्य सरकार स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी उक्त आदेश के मामले में स्थगन आदेश जारी कर दिया है। आदेश की कॉपी आने के बाद एक और जहां स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारी पशोपेश में है वहीं दूसरी ओर जिला प्रशासन भी हैरान है कि अब आगे क्या निर्णय लिया जाए। इस मामले में उच्च न्यायालय की मूल कॉपी पहुंचने के बाद ही निर्णय लिया जाएगा। अलबत्ता डॉक्टर यत्नेश त्रिपाठी भी हैरान है वहीं दूसरी ओर प्रशासन को आगे का निर्णय लेना पड़ेगा।