विंध्यभारत, रीवा
बिजली विभाग शहर संभाग में सालों से जमें एक अधिकारी को हटा दिया गया। जबलपुर से चल रही स्थानांतरण की गाड़ी में रीवा के दो अधिकारी दोस्त भी सवार हो गए। दोनों ने कुर्सी की अदला बदली कर ली है।एक ही पद पर लंबे समय से जमे अधिकारी पर सबकी नजर थी, इसलिए जिला तो नहीं बदला ना ही शहर बदला लेकिन कुर्सी बदल गई। इस कुर्सी के बदलने से दूसरे जिला जाने से अधिकारी बच भी गए और लंबे समय से एक ही पद पर जमे रहने का दाग भी धुल गया।
मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के रीवा शहर संभाग में कार्यपालन अभियंता के पद पर नरेंद्र मिश्रा पदस्थ रहे। नरेंद्र मिश्रा पिछले कई सालों से जमें हुए थे। इनके कार्यकाल में कर्मचारियों ने उपभोक्ताओं को लूटने की हदें पार कर दी थी। भाजपा के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को भी लूटने से इनके जेई और लाइन स्टाफ ने कसर नहीं छोड़ा था। शहर संभाग के जेई, एई की कार्रवाई ने पूरे संभाग में विजलेंस कार्रवाई की पोल खोल दी थी। पूरे प्रदेश में हडक़ंप मचा था। इसके बाद से ही शहर संभाग के कार्यपालन अभियंता नरेंद्र मिश्रा को बदलने की कवायद शुरू हो गई थी। कुछ समय पहले ही इनका आदेश जारी हो जाता। इन्होंने जबलपुर तक सेटिंग कर ली थी। अभिषेक शुक्ला और नरेंद्र मिश्रा ने आपस में कुर्सी बदलने को लेकर सेटिंग कर ली थी। इस सेटिंग को अब जाकर मूर्तरूप दिया गया है। आदेश जारी कर दिया गया है। मुख्य महाप्रबंधक सम्पदा सराफ ने आदेश जारी किया है। इसमें अभिषेक शुक्ला कार्यपालन अभियंता एसटीएम- एसटीसी को शहर संभाग का कार्यपालन अभियंता बनाया गया। वहीं नरेंद्र मिश्र को शहर संभाग से एसटीएम एसटीसी संभाग भेज दिया गया है।