रीवा। प्रशासनिक निष्क्रियता के चलते जिले में संचालित उपार्जन केंद्र अंतर्गत जवा तहसील के सेवा सहकारी समिति अतरैला के समिति प्रबंधक की तानाशाही एवं मनमानी देखने को मिल रही है जो खुलेआम अतरैला केंद्र क्रमांक-2 खरीदी स्थल केंद्र भुनगांव में रात्रि 8 बजे के बाद भी तौलाई कराकर रीवा कलेक्टर के आदेशों की धज्जियां उड़ाई जा रही है।
उल्लेखनीय है कि शासन के नियमानुसार शाम 5 बजे तक ही तौलाई की जानी है । यदि किसी किसान को टोकन मिल गया हो तो उसकी तौलाई करायी जा सकती है। लेकिन समिति प्रबंधक अपनी राजनीतिक पकड़ और भ्रष्ट अधिकारियों के संरक्षण में रात्रि 8 बजे के बाद भी व्यापारियों से पैसे लेकर तौलाई की जा रही है। इसकी शिकायत हेतु जब जवा एसडीएम पीयूष भट्ट और नॉन अधिकारी कमलेश टंडेकर को फोन लगाया जाता है तो उक्त अधिकारी फोन भी उठाना उचित नहीं समझते हैं। जिससे यह लगने लगता है कहीं इन अधिकारियों द्वारा भी मनमानी के लिए संरक्षण दिया जा रहा है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इसी तरह से अतरैला क्रमांक-1 में भी व्यापारियो का मेला लगता है और पैसे के दम पर अपनी तौलाई करा लेते है जबकि किसान नंबर का इंतजार करते रहते है। कई बार शिकायत की गई लेकिन जिम्मेदारो द्वारा कोई जांच और कार्यवाही नही की जा रही है।
आरोप यह भी है उक्त दोनों खरीदी केंद्रों में जो भी कांटे है वो 600 ग्राम माईनस में है और प्रति बोरी 700 ग्राम से ज्यादा भी वजन लिया जाता है यानी कुल मिला कर 1300 ग्राम प्रति बोरी ज्यादा लिया जाता है। लेकिन फ़ूड विभाग के द्वारा कभी कांटे की जांच नही की जाती है।
जिनके सह पर अतरैला समिति प्रबंधक मनमानी पर उतारू है।
किसानों का कहना है कि खरीदी केंद्र में सरकारी मजदूर नही होते है जो भी होते है अपने काम मे लगे रहते है इस कारण किसानों को मजदूर लेकर आना पड़ता है और उसकी मजदूरी किसानों 18 रुपये प्रति कुंटल देना पड़ता है।
जिसकी जानकारी होने के बावजूद विभागीय अधिकारी से लेकर जिला कलेक्टर के द्वारा भी ध्यान नही दिया जाता है । इस घटनाक्रम से स्थानीय किसानों में काफी आक्रोश है।
धान खरीदी केंद्रों में मनमानी, रात 8:00 बजे के बाद भी होती है तौल