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माइग्रेन के दर्द से निजात दिलाती है

शिवेंद्र तिवारी

दूब
पूजा सामग्री होने के अलावा दूब कई तरह के औषधीय गुणों से भी भरपूर होती है।

देखें फायदे…
अक्सर पूजा में भगवान गणेश को अर्पित की जाने वाली दूब का लोग सिर्फ धार्मिक महत्व जानते हैं. लेकिन जिन लोगों को इसके औषधीय गुणों की समझ होती है वो दूब का इस्तेमाल सेहत ही नहीं अपनी खूबसूरती को बनाए रखने के लिए भी करते हैं. बहुत कम ही लोग जानते हैं कि हिन्दू संस्कारों में उपयोग करने के अलावा दूब घास यौन रोगों, लीवर रोगों, कब्ज जैसी कई परेशानियों के उपचार में रामबाण माना जाता है।

दूब एक प्रकार की घास है जिसे धार्मिक अनुष्ठानों के लिए इस्तेमाल किया जाता है। पूजा सामग्री होने के अलावा दूब कई तरह के औषधीय गुणों से भी भरपूर होती है।

आयुर्वेद के मुताबिक दूब पर जब ओस पड़ी हो तो उस पर चलने मात्र से नेत्र ज्योति बढ़ती है।

साथ ही साथ सिरदर्द और तनाव के लिए भी दूब काफी लाभदायक है। जिन लोगों को अक्सर तनाव रहता है ऐसे लोग दूब को पीसकर उसका लेप अपने पैरों में लगाएं। ऐसा करने पर मस्तिष्क को ठंडक मिलती है और दिमाग की उथल-पुथल शांत हो जाती है।

इसके अलावा जिन लोगों को अक्सर सिर दर्द रहता हो वे लोग दूब को पीसकर उसमें थोड़ा सा चूना मिला लें। फिर इस मिश्रण को सिर पर लगाएं। इससे सिरदर्द से बहुत आराम मिलता है। इसके अलावा भी दूब के बहुत सारे लाभ होते हैं।

अनिद्रा से राहत-
दूब का सेवन करने से व्यक्ति को अनिद्रा, थकान, तनाव जैसे रोगों को ठीक करने में फायदा मिलता है।

आंखों के लिए फायदेमंद-
दूब पर सुबह उटकर नंगे पांव चलने से आंखों की ज्योति बढती है. इसके अलावा दूब का ताजा रस सुबह के समय पीने से मानसिक रोगों में अद्भुत लाभ होता है और त्वचा के रोगों से भी मुक्ति मिलती है।

मुंह के छाले-
दूब की पत्तियों को गर्म पानी में उबालकर हर रोज कुल्ला करने से मुंह के छाले दूर हो जाते हैं।

त्‍वचा संबंधी समस्‍या-
दूब में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-सेप्टिक गुणों की वजह से त्‍वचा संबंधी समस्‍याओं में लाभ मिलता है. इसका सेवन करने से त्‍वचा संबंधी परेशानी जैसे- खुजली, त्वचा पर चकत्‍ते और एक्जिमा जैसी समस्‍याओं से राहत मिलती है. इसके लिए दूब घास को हल्दी के साथ पीसकर उसका पेस्ट बनाकर त्वचा पर लगाने से इन सभी समस्‍याओं से राहत मिलती है।

एनीमिया में फायदेमंद
दूब खून बढ़ाने में मददगार होता है। एनीमिया रोग में इसका रस पीने से काफी लाभ होता है।

प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाए
शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता बनाए रखने में दूब काफी लाभकारी है। इसमें एंटी-वायरल और एंटी माइक्रोबियल गुण पाए जाते हैं। इस वजह से यह किसी भी बीमारी से लड़ने की क्षमता में वृद्धि करता है।

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